बड़ी खबरः अब उत्तराखण्ड में भी सामने आया ‘सीमा हैदर’ जैसा मामला! प्यार के खातिर महिला ने पार की सरहद, सहेला बेगम हिन्दू प्रेमी संग गिरफ्तार

Big news: A case similar to "Seema Haider" has now surfaced in Uttarakhand! A woman crossed the border for love; her friend, Begum, was arrested along with her Hindu lover.

हरिद्वार। उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने महिला की मदद करने वाले उसके दिव्यांग पति को भी गिरफ्तार किया है, जो छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ज्वालापुर कोतवाली पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम द्वारा सत्यापन अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई। बुधवार को ज्वालापुर क्षेत्र स्थित वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद कॉलेज के पास संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। पुलिस पूछताछ में महिला ने अपना नाम बदलकर भारत में रहने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि आरोपी का असली नाम सहेला बेगम है, जो कुमीला की रहने वाली है। वर्ष 2023 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी पहचान श्यामदास नामक युवक से हुई, जो बाद में उसका साथी और पति बना। पुलिस के अनुसार महिला वीजा पर भारत आई थी, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से पहले दिल्ली और फिर हरिद्वार में रह रही थी।

हरिद्वार पहुंचने के बाद उसने अपने पति श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे कई फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए। जांच के दौरान महिला के कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट, नेशनल आईडी कार्ड समेत कई फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। वहीं इन दस्तावेजों को तैयार कराने में सहयोग करने के आरोप में श्यामदास को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। महिला पहले भी भारत आई और वापस गई थी, लेकिन बाद में शादी करने के उद्देश्य से दोबारा भारत आई। दोनों कुछ समय तक दिल्ली में रहे और करीब एक साल पहले हरिद्वार में शिफ्ट हो गए। हालांकि उनका यह फर्जीवाड़ा ज्यादा समय तक नहीं चल सका। ऑपरेशन प्रहार के तहत चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज बनाने में मदद की हो सकती है।