बैरागीवाला दो गुटों में खूनी संघर्ष मामला: सीएम धामी ने घटना की निंदा,कहा-जिहादी मानसिकता' को नहीं बख्शेंगे
देहरादून के सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला में पानी के मामूली विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार कर लिया कि पूरा इलाका दहल उठा। दो पक्षों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस जघन्य वारदात के बाद देवभूमि का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना की तीखे शब्दों में निंदा करते हुए कानून हाथ में लेने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। वहीं प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तीनों आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया है।
घटना के बाद राज्य में फैले तनाव को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने बयान में कहा देवभूमि उत्तराखंड की शांति और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली जिहादी और हिंसक मानसिकता को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। देहरादून में हुई घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। जो लोग कानून को चुनौती देने का दुस्साहस करेंगे, उन्हें ऐसा दंड मिलेगा कि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले हजार बार सोचेगा। शनिवार को हुई इस हिंसक झड़प का असर रविवार सुबह भी देखने को मिला। घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष के समर्थकों ने हमलावरों के घरों के आसपास जमकर पथराव और आगजनी की। इस जवाबी पथराव में भी कुछ लोगों के चोटिल होने की खबर है। हालात को बेकाबू होने से रोकने के लिए शासन ने बैरागीवाला क्षेत्र में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती कर दी है। पूरा इलाका इस समय पुलिस छावनी में तब्दील है और आला अधिकारी हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहे हैं। वारदात के बाद इंसाफ की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण बीती देर रात तक सहसपुर थाने का घेराव कर डटे रहे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ खड़े नजर आए। विधायक ने पुलिस प्रशासन को आरोपियों पर ऐसी सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा जो मिसाल बने। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ताओं सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए तीनों आरोपियों के अवैध निर्माणों और घरों पर बुलडोजर चलाकर सख्त संदेश दिया है। पुलिस बाकी फरार संदिग्धों और इस हिंसा को भड़काने वाले अन्य चेहरों की पहचान करने में जुटी है।