Oct 03, 2026 Login

एशियन गेम्स: हॉकी में भारत का ऐतिहासिक गोल्डन डबल! पुरुषों के बाद महिलाओं ने भी जीता एशियाड स्वर्ण, दोनों टीमों ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट कटाया

Asian Games: India's historic golden double in hockey! After the men, the women also won Asiad gold; both teams secured their tickets to the Los Angeles Olympics.

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 भारतीय हॉकी के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। दोनों टीमों की इस शानदार उपलब्धि के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए पुरुष और महिला हॉकी में सीधे क्वालीफाई भी कर लिया। एशियाड के इतिहास में यह पहली बार है जब भारत की दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ ओलंपिक का टिकट हासिल किया है। महिला हॉकी 1982 से एशियन गेम्स का हिस्सा है, जबकि पुरुष हॉकी 1958 से एशियाड में खेली जा रही है। महिला टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर एशियाड में सोने पर कब्जा जमाया, वहीं पुरुष टीम ने भी 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स की सफलता को दोहराते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में मौजूदा चैंपियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले का एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने दागा। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के लिए यह निर्णायक गोल किया। लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में शानदार मैदानी गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने लगातार हमले किए और बराबरी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने मजबूती से मोर्चा संभाले रखा। गोलकीपर सविता पुनिया ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन का पेनल्टी स्ट्रोक रोक दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने आखिरी सीटी तक अपनी बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। भारतीय महिला टीम ने इससे पहले 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 1998 और 2018 में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों मौकों पर उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अब 44 साल बाद भारतीय महिलाओं ने फिर एशियाड में स्वर्ण जीतकर इतिहास दोहरा दिया।

पुरुष टीम ने मलयेशिया को 5-1 से धोया
महिला टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी गोल्ड जीतकर देश को ऐतिहासिक डबल गोल्ड का तोहफा दिया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारत ने फाइनल में मलयेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ एशियाड का स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया। फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। 11वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को बढ़त दिलाई। हालांकि इसके कुछ ही मिनट बाद मलयेशिया ने शेलो सिलवेरियस के मैदानी गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे क्वार्टर में भारत ने फिर हमला तेज किया और 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक भारत ने अपनी बढ़त कायम रखी। तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम को कई मौके मिले, लेकिन मलयेशियाई डिफेंस ने कुछ समय तक भारत को गोल करने से रोके रखा। इस बीच भारत को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। मुकाबले के 42वें मिनट में भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और हार्दिक सिंह ने इसे गोल में बदलकर भारत की बढ़त 3-1 कर दी। इसके बाद मलयेशिया के लिए वापसी मुश्किल होती चली गई। चौथे क्वार्टर में भारत ने आक्रामक खेल जारी रखा। 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल कर भारत को 4-1 से आगे कर दिया। इसके बाद 57वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए भारत का स्कोर 5-1 कर दिया। आखिरी सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे। भारत ने मलयेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

पहली बार लगातार दो एशियाड में पुरुष हॉकी का गोल्ड
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के लिए यह जीत कई मायनों में खास रही। भारत ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में फिर गोल्ड जीतकर भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार लगातार दो एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। फाइनल से पहले भारत ने सेमीफाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। फाइनल में मलयेशिया के खिलाफ 5-1 की जीत ने भारतीय टीम के अभियान को स्वर्णिम अंत दिया।