अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह बना ऐतिहासिक! 48 शोधार्थियों को मिली पीएचडी की डिग्री
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के इतिहास में गुरुवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शोधार्थियों और अभिभावकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
7 मेधावियों को मिला कुलाधिपति स्वर्ण पदक
समारोह में विश्वविद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले सात प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले 21 विद्यार्थियों को विशेष पदकों से सम्मानित किया गया। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता का सम्मान करते हुए स्नातक स्तर के 32, स्नातकोत्तर स्तर के 120 तथा वोकेशनल पाठ्यक्रमों के 17 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त पांच विद्यार्थियों को प्रायोजक स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
48 शोधार्थियों को मिली पीएचडी की उपाधि
समारोह का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब 48 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। वर्षों की मेहनत और शोध कार्य के बाद उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के लिए यह उपलब्धि किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। मंच से डिग्री प्राप्त करते समय शोधार्थियों और उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
‘विधि सहयोगी ऐप’ और पत्रकारिता विषयक पुस्तक का लोकार्पण
दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण पहल ‘विधि सहयोगी ऐप’ का लोकार्पण किया। इसके साथ ही ‘पत्रकारिता: संभावनाएं, भविष्य एवं चुनौतियां’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि ये दोनों पहलें विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी साबित होंगी तथा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाओं को बढ़ावा देंगी। कार्यक्रम में उन संस्थाओं और व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने विद्यार्थियों के लिए पदकों का प्रायोजन किया। राज्यपाल ने उन्हें सम्मान पत्र प्रदान कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि समाज और शिक्षण संस्थानों के बीच इस प्रकार का सहयोग भविष्य में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।