झारखंड में आफत की बारिश का अलर्ट: बंगाल की खाड़ी के 'लो प्रेशर' से बदलेगा मौसम, रांची समेत कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी

Alert for torrential rain in Jharkhand: Weather to shift due to a low-pressure system in the Bay of Bengal; warnings issued for heavy rainfall and lightning strikes in several districts, including Ra

रांची। झारखंड के लोगों के लिए मौसम से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के चलते राज्य के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 13 और 14 जुलाई को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और भीषण वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रहने और स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार से ही राज्य के कई हिस्सों में इसका असर दिखने लगा है। राजधानी रांची में दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश मेदिनीनगर में 14.1 मिमी दर्ज की गई, जबकि बोकारो में 12 मिमी, जमशेदपुर में 9 मिमी और रांची में 1 मिमी बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 12 जुलाई से ही पूरे सूबे के मौसम में यह तब्दीली साफ नजर आने लगेगी।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 जुलाई को मुख्य रूप से संताल परगना और कोयलांचल के इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू होगा। इस दायरे में आने वाले प्रमुख जिले गिरिडीह, देवघर, धनबाद, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज इसके साथ ही कोल्हान क्षेत्र के सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भी मूसलाधार बारिश की प्रबल संभावना है। मौसम का असली रौद्र रूप 14 जुलाई को देखने को मिल सकता है, जब राजधानी रांची समेत मध्य और पश्चिमी झारखंड के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने का अनुमान है। इन जिलों में शामिल हैं। रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा और हजारीबाग इसके अलावा गुमला, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और चतरा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस भारी बारिश के अलर्ट के बीच एक चिंताजनक पहलू यह भी है कि इस साल मानसून की सुस्ती के कारण राज्य में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। 1 जून से 10 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में सामान्य वर्षापात 285.6 मिमी होना चाहिए था, लेकिन अब तक महज 179.1 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से 37 फीसदी कम है। वहीं, राजधानी रांची की बात करें तो यहाँ सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस सिस्टम के सक्रिय होने से बारिश की यह कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और किसानों के चेहरे खिलेंगे। तेज आंधी और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।