एक्शन में प्रशासन: राजधानी के अपर बाजार में आधी रात को चली रेड,भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीला सामान जब्त,दुकानदारों पर जुर्माना

Administration in action: Midnight raid conducted in the capital's Upper Bazaar; large quantities of banned intoxicating substances seized, and fines imposed on shopkeepers.

रांची। राजधानी रांची के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में चाय की दुकानों की आड़ में चल रहे नशे के काले कारोबार का बड़ा भंडाफोड़ हुआ है। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए कुछ चाय दुकानदार गुपचुप तरीके से ई-सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट), प्रतिबंधित हुक्का फ्लेवर और विदेशी सिगरेट बेच रहे थे। मंगलवार की रात स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और आरोपी दुकानदारों पर भारी जुर्माना ठोका है।

रांची सदर एसडीओ के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य समिति की टीम ने मंगलवार रात यह विशेष अभियान चलाया। अधिकारियों को पिछले काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि अपर बाजार क्षेत्र में कुछ चाय की दुकानों पर युवाओं को आकर्षित करने के लिए धड़ल्ले से प्रतिबंधित ई-सिगरेट और हुक्के का सामान परोसा जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जब स्वास्थ्य विभाग की टीम कोतवाली पुलिस के साथ देर रात अपर बाजार पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। टीम ने एक-एक कर छह से अधिक प्रमुख दुकानों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ शातिर दुकानदार नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए पैकेटबंद सिगरेट के साथ-साथ खाद्य सामग्री (खाने-पीने की चीजें) भी बेच रहे थे, जो कि कानूनन पूरी तरह से प्रतिबंधित और नियमों का उल्लंघन है। टीम ने मौके से ही अवैध इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट और हुक्का फ्लेवर के स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में मेडिकल ऑफिसर डॉ. तबा रिजवी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सदर अस्पताल के डीपीएम प्रवीण कुमार सिंह और तंबाकू कंट्रोल सेल के सुशांत कुमार सहित कोतवाली पुलिस के कई आला अधिकारी शामिल थे। मेडिकल ऑफिसर डॉ. तबा रिजवी ने बताया, "अपर बाजार के कई चाय दुकानदार इस गैर-कानूनी कृत्य में शामिल थे। प्रतिबंधित एवं नशीले सामान को पूरी तरह जब्त कर लिया गया है और सभी संबंधित दुकानदारों पर तत्काल आर्थिक जुर्माना लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यदि भविष्य में कोई भी दुकानदार प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत जेल भेजने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।