वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत-जापान की नई जुगलबंदी, राष्ट्रपति भवन में जापानी पीएम ताकाइची का भव्य स्वागत
नई दिल्ली। बदलते वैश्विक परिदृश्य और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच भारत और जापान के मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों की एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक झलक आज राजधानी दिल्ली में देखने को मिली। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची का आज राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पूरे राजकीय सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अगवानी करते हुए जापानी समकक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती को दर्शाता है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान सेना की एक विशेष टुकड़ी ने जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के सम्मान में 'गार्ड ऑफ ऑनर' पेश किया। मिलिट्री बैंड की सुरीली धुनों और सैन्य मार्च-पास्ट ने पूरे माहौल को और अधिक गरिमामय बना दिया। इस औपचारिक स्वागत के तुरंत बाद, दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के देशों से आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों (शिष्टमंडलों) का परिचय कराया और आपस में शिष्टाचार मुलाकात की। भारत की धरती पर कदम रखने से पहले ही प्रधानमंत्री ताकाइची ने इस द्विपक्षीय दौरे को अत्यंत महत्वपूर्ण और समय की मांग बताया था। नई दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच भारत और जापान के बीच आपसी सहयोग और समन्वय का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। वही जापान कि प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा भारत और जापान केवल व्यापारिक भागीदार नहीं हैं, बल्कि हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्य और रणनीतिक हित एक समान हैं। वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को एक नई और मजबूत दिशा देने का यह एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। उधर राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और जापानी पीएम ताकाइची के बीच होने वाली यह उच्च स्तरीय वार्ता हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, रक्षा सहयोग, तकनीक और आर्थिक साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जाएगी। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों देशों की यह एकजुटता दुनिया को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दे रही है। अगले दो दिनों में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगने की उम्मीद है।