पीआरडी जवानों की 'बल्ले-बल्ले': अब साल भर मिलेगा रोजगार, होमगार्ड की तर्ज पर मिलेगा मानदेय और डीए
देहरादून। उत्तराखंड के हजारों प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवानों के लिए यह हफ्ता खुशियों की सौगात लेकर आया है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने जवानों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर मुहर लगा दी है। अब पीआरडी जवानों को साल के 365 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार उन्हें होमगार्ड के समान मानदेय और महंगाई भत्ता (डीए ) देने की तैयारी भी कर रही है।
उत्तराखंड के पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवानों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत भरी खबर आई है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने फैसला लिया है कि अब पीआरडी जवानों को पूरे साल यानी 365 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें होमगार्ड की तर्ज पर मानदेय और महंगाई भत्ता (डीए) भी दिए जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में पीआरडी जवानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में लंबे समय से चले आ रहे धरने को समाप्त करने पर सहमति बन गई। मंत्री रेखा आर्या ने जवानों को भरोसा दिलाया कि उनकी सभी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीआरडी जवानों को पूरे वर्ष रोजगार देने, मानदेय बढ़ाने और डीए देने संबंधी प्रस्ताव शीघ्र तैयार करें।
बैठक में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान और अपर निदेशक अजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। सरकार के इस सकारात्मक रुख के बाद पीआरडी स्वयंसेवकों में नई उम्मीद जगी है। कई जवानों का कहना है कि अगर यह फैसला लागू हो गया तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और सेवा का मौका भी नियमित रूप से मिलेगा। बैठक में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसी वर्ष से विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू करने की सभी प्रक्रियाएं तेज कर दी जाएं। इसके लिए 142 नए पदों के सृजन को मंजूरी देने की बात कही गई है। साथ ही विश्वविद्यालय के लिए भूमि से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा, ताकि राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें। यह फैसला पीआरडी जवानों के लंबे संघर्ष का नतीजा माना जा रहा है। यदि प्रस्तावित योजनाएं समय पर लागू हो गईं तो हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधर सकेगी। सरकार अब इन फैसलों को अमली जामा पहनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।