उत्तराखण्ड में गुलदार का आतंकः घर के आंगन में खेल रही मासूम बच्ची को बनाया निवाला! क्षत-विक्षत शव देख बिलख पड़े परिजन, गांव में दहशत का माहौल

A leopard terrorizes Uttarakhand: An innocent girl playing in her courtyard is devoured! The family is devastated by the sight of her mutilated body, and the village is gripped by terror.

कोटद्वार। उत्तराखण्ड में बाघ और गुलदार का आतंक लगातार जारी है, पिछले दिनों जहां अल्मोड़ा और खटीमा में दो बुजुर्गों को बाघ ने निवाला बनाया था, वहीं अब कोटद्वार से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां पोखड़ा में घर की चौखट में खाना खा रही एक चार साल की बालिका को गुलदार ने निवाला बना लिया। बालिका का क्षत-विक्षप्त शव घर से दो किमी दूर मिला। इस घटना के बाद जहां परिजनों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं गांव में दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्राम प्रधान गडरी (कोला गाड़) रश्मि देवी ने बताया  कि उनकी ग्रामसभा के भतकोट गांव निवासी हरेंद्र सिंह की चार वर्षीय बेटी दृष्टि शाम आठ बजे के घर की चौखट के पास बैठकर खाना खा रही थी। बगल में ही उसकी 10 वर्षीय बड़ी बहन और दादी भी खाना खा रहे थे। इस दौरान घात लगाए गुलदार दृष्टि को घर की चौखट से खींचकर ले गया। दृष्टि और परिजनों के चिल्लाने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए। मासूम दृष्टि की खोजबीन की गई। देर शाम काफी प्रयासों के बाद घर से दो किमी दूर बालिका का क्षत विक्षप्त शव मिला। सूचना पर रात में ही रेंजर पोखड़ा नक्षत्र शाह मयटीम और सतपुली पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने घटना पर आक्रोश जताते हुए वनकर्मियों और पुलिस के सामने जमकर हंगामा काटा। वे जिलाधिकारी और डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव न उठाने की मांग कर रहे थे। शुक्रवार सुबह उपजिलाधिकारी चौबट्टाखाल रेखा आर्य और डीएफओ महातिम यादव मौके पर पहुंचे। घर के पास ही पोस्टमार्टम कर बालिका का शव परिजनों को सौंप दिया गया।