भारत-साइप्रस के बीच आज ऐतिहासिक महामंथन! पीएम मोदी और राष्ट्रपति निकोस बदलेंगे रणनीतिक और आर्थिक सहयोग की तस्वीर
नई दिल्ली। भारत और साइप्रस के बीच सदियों पुराने और मजबूत डिप्लोमैटिक रिश्तों में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की राजधानी नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के बीच एक बेहद उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होने जा रही है। इस बैठक पर न केवल दोनों देशों की, बल्कि वैश्विक रणनीतिकारों की भी नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद रक्षा, व्यापार, डिजिटल टेक्नोलॉजी, निवेश और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस अपने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस को देश के सर्वोच्च सम्मान के तहत औपचारिक स्वागत और भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-साइप्रस की सदाबहार दोस्ती को एक नई ऊंचाई और गति देने वाला मील का पत्थर बताया है। राजनयिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा बेहद सही समय पर हो रही है। जून 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइप्रस की एक ऐतिहासिक यात्रा की थी, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को एक नया रणनीतिक आयाम दिया था। अब राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस की यह भारत यात्रा उसी सहयोग और प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हो रही है। दोनों ही देश अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को वैश्विक पटल पर एक नई ऊंचाई देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।शुक्रवार सुबह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर साइप्रस के राष्ट्रपति से मुलाकात कर वैश्विक और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर चर्चा करेंगे इसके तुरंत बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के बीच मुख्य द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें कई बड़े समझौतों पर मुहर लग सकती है। राष्ट्रपति भवन में भोज: राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मू उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक विशेष आधिकारिक भोज की मेजबानी करेंगी। नई दिल्ली आने से पहले साइप्रस के राष्ट्रपति ने भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई का दौरा किया, जो यह साफ संकेत देता है कि इस यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक मजबूती है। उनके साथ साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कॉम्बोस, परिवहन मंत्री एलेक्सिस वाफेयाडेस और एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन भी भारत आया है। मुंबई में राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का दौरा किया और 'बेल रिंगिंग' सेरेमनी में हिस्सा लिया। इस दौरान एनएसई के चेयरमैन श्रीनिवास इनजेती और एमडी व सीईओ आशीष कुमार चौहान भी मौजूद रहे। एनएसई इंडिया के मुताबिक, इस मुलाकात के दौरान भारत और यूरोप के प्रवेश द्वार माने जाने वाले साइप्रस के बीच नए निवेश और वित्तीय अवसरों पर बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। खुद राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस ने इस यात्रा को "बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक" करार दिया है, जो दोनों देशों के व्यापारिक और सामरिक भविष्य को एक नई दिशा देगी।