Sep 30, 2026 Login

उत्तरकाशी की बर्फीली चोटियों पर जिंदगी बचाने की जंग, फंसे ट्रैकर्स-पोर्टर्स तक पहुंच रही मदद,सीएम धामी ने लिया रेस्क्यू का अपडेट

A battle to save lives on the snow-capped peaks of Uttarkashi; aid is reaching the stranded trekkers and porters, and CM Dhami has taken stock of the rescue operations.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुए भीषण बर्फबारी और खराब मौसम ने ट्रैकर्स और पोर्टर्स के जीवन को संकट में डाल दिया है। शून्य से नीचे गिरते तापमान और बर्फीली हवाओं के बीच कई पर्वतारोही और स्थानीय गाइड दुर्गम चोटियों पर फंस गए हैं। हालांकि, प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राहत एवं बचाव तंत्र पूरी मुस्तैद के साथ सक्रिय हो गया है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया से फंसे हुए लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।

उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक बदले मौसम और बर्फबारी के बीच फंसे ट्रैकर्स और पोर्टर्स की सुरक्षित वापसी के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है। बर्फीली चोटियों पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राहत दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक लाने में जुटे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव, आपदा प्रबंधन से दूरभाष पर बातचीत कर रेस्क्यू अभियान की स्थिति और अब तक की कार्रवाई का अपडेट लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए सभी ट्रैकर्स और पोर्टर्स की सुरक्षित वापसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच राहत अभियान में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उपलब्ध सभी जरूरी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई जाए। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ट्रैकिंग मार्गों पर परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं। ऐसे में राहत एवं बचाव दलों के सामने प्रभावित लोगों तक पहुंचने की चुनौती है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप संचालित किया जाए और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों को भी सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ट्रैकर्स, पोर्टर्स, पर्यटकों और अन्य प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक चिकित्सकीय सहायता, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रतिकूल मौसम को देखते हुए संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन को विशेष रूप से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। उत्तरकाशी का उच्च हिमालयी क्षेत्र ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव यहां अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना देता है। बर्फबारी, कम तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देना राहत दलों के लिए बड़ी चुनौती होता है। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि राहत और बचाव अभियान में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए। जरूरत के अनुसार चिकित्सा, प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बर्फीले क्षेत्रों में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी पर है। सरकार की ओर से मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में पर्वतीय क्षेत्रों में मौजूद पर्यटकों और ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत अभियान के आगे बढ़ने के साथ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।