पटना में छात्र आंदोलन के बाद उग्र बवाल: 500 अज्ञात पर एफआईआर, पीयूएसयू अध्यक्ष समेत 40 हिरासत में, पूरे बिहार में अलर्ट जारी

Violent unrest following student protests in Patna: FIR registered against 500 unidentified persons; 40 detained, including the PUSU President; state-wide alert issued across Bihar.

पटना। राजधानी पटना में छात्रों के उग्र प्रदर्शन और हिंसा के बाद बिहार पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने के आरोप में करीब 500 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष सुशांत शेखर सहित 40 से अधिक आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद राज्य सरकार ने पूरे बिहार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस के अनुसार, बुधवार को छात्रों का प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने पूर्व नियोजित रणनीति के तहत सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड्स उखाड़ दिए। इसके बाद डाकबंगला चौराहा, बेली रोड और आसपास के इलाकों में जमकर पथराव और तोड़फोड़ हुई। करीब छह घंटे तक प्रदर्शनकारी राजधानी के विभिन्न हिस्सों में पुलिस को चुनौती देते रहे, जिससे यातायात और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हिंसा के दौरान कई सरकारी और निजी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। उपद्रवियों ने पटना आईजी की एस्कॉर्ट कार, सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार के वाहन और कई पुलिस वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। भागलपुर से भाजपा विधायक रोहित पांडे की गाड़ी को पलटने का प्रयास किया गया तथा उनके साथ कथित हाथापाई भी हुई। भाजपा विधायक विनय बिहारी और पार्टी नेता अजय सिंह के वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए। घटना के बाद पुलिस ने देर रात तक विशेष अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। इनमें पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष सुशांत शेखर भी शामिल हैं, जिन्हें तड़के उनके आवास से पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है।पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों, स्थानीय वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की पहचान होगी, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की जाएगी। आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें बोरिंग रोड, कदमकुआं, गांधी मैदान, बुद्धा कॉलोनी, बहादुरपुर समेत कई इलाकों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही पुलिस की साइबर शाखा भी सक्रिय हो गई है। जांच एजेंसियां आंदोलन से जुड़े वीडियो, लाइव स्ट्रीम और सोशल मीडिया गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा के पीछे कोई संगठित साजिश तो नहीं थी। पटना की घटना के बाद बिहार सरकार ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि राजधानी की तर्ज पर अन्य जिलों में भी छात्र प्रदर्शन उग्र रूप ले सकते हैं। इसी को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, गश्त बढ़ा दी गई है और जिला प्रशासन को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल पटना में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रखी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध सभी का अधिकार है, लेकिन हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटना में हुई इस हिंसा ने छात्र आंदोलन को नया मोड़ दे दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस जांच में और कितने लोगों की पहचान होती है तथा सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच आगे क्या स्थिति बनती है।