Oct 11, 2026 Login
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उत्तराखंड:जात पात के चक्कर मे फिर खड़ा हुआ बखेड़ा,इस विद्यालय में अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथों का बना खाना नही खा रहे बच्चे,मामला पहुंचा उच्च अधिकारियों तक

Uttrakhand: Due to caste issues, children are not eating food prepared by mother's hands in this school, the matter reached the higher authorities

उत्तराखंड में एक बार फिर जात पात का मामला सामने आया है। मामले ने तूल पकड़ा तो उच्च अधिकारियों तक भी बात जा पहुंची।
दरअसल उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर में राजकीय इंटर कॉलेज सुखी ढांग में अनुसूचित जाति की भोजन माता के हाथों से बना खाना बच्चों ने छोड़ दिया,जिसके बाद वहाँ हड़कंप मच गया और मामला बिगड़ गया। अब प्रधानाचार्य, प्रबंधन समिति, पीटीए एक दूसरे पर भोजन माता की नियुक्ति के आरोप लगाने में लगे है।
जीआईसी सुखी ढांग में तैनात भोजन माता का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरी नियुक्ति की गई। नियुक्ति के लिए कॉलेज की ओर से विज्ञप्ति निकाली गई थी,जिसके लिए दस भोजन माताओं ने आवेदन किया,25 नवंबर को विद्यालय प्रबंध समिति और पीटीए ने प्रधानाचार्य और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में अधिकतर आवेदक महिलाओं की सहमति पर परित्यक्ता पुष्पा भट्ट को भोजन माता चुना,और सूचना विभाग के अधिकारियों को भी दे दी गयी।लेकिन अचानक एससी वर्ग की महिला की नियुक्ति कर दी गयी,जिसके बाद बखेड़ा खड़ा हो गया।अब विद्यालय में बच्चे एससी वर्ग की भोजन माता के हाथों से बना छोड़ रहे है।
उधर प्रधानाचार्य, पीटीए और प्रबंधन समिति एक दूसरे पर आरोप गढ़ रहे है। मिली जानकारी के मुताबिक विद्यालय प्रबंधन समिति और पीटीए ने पहले नियमानुसार ही पात्र भोजन माता की नियुक्ति की थी,लेकिन जब वो महिला डीईओ को रिपोर्ट देने चंपावत पहुंची तो वो ऑफिस में नही मिले।उधर पीटीए को विश्वास में लिए बिना ही दूसरी भोजन माता की नियुक्ति कर दी गयी जो अनुसूचित जाति की है।अब इस मामले से विवाद उत्पन्न हो गया है।
वहीं डीएम चंपावत विनीत तोमर का कहना है कि ये मामला अभी संज्ञान में नही है शिकायत मिलने पर जांच की जायेगी।
सीईओ चंपावत आरसी पुरोहित का कहना है कि राइंका सूखीढांग में भोजन माता की नियुक्ति का विवाद और एससी वर्ग की भोजनमाता की नियुक्त होने से कुछ बच्चों के भोजन न करने का मामला सामने आया है। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अंशुल बिष्ट को मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।