सीजेपी की प्रेस वार्ताः सौरव बोले- देश में आपातकाल से भी बदतर हालात! मोबाइल फोन हैकिंग की जताई आशंका, रिहा होकर घर रवाना हुए दिपके
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध अब केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवालों के बीच आगे बढ़ रहा है। रविवार को CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की दादी के निधन और उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाने का मामला भी सामने आया। दिपके की मां अनीता दिपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर उनके बेटे ने ऐसा क्या अपराध किया था कि वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त भारतीय जनता पार्टी को चुनावी लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। रांका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। रांका ने दिल्ली में हुई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए दावा किया कि उन्हें, सौरव दास और अभिजीत दिपके को विमान के भीतर से हिरासत में लिया गया था। उन्होंने मौजूदा हालात को आपातकाल से भी बदतर बताया। रांका के मुताबिक, पार्टी का शुरुआती विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के खिलाफ था, लेकिन अब यह केंद्र सरकार के खिलाफ भी होता जा रहा है। ये सभी आरोप CJP नेताओं की ओर से लगाए गए हैं। अभिजीत दिपके रविवार को वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के आवास से अपने घर के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि वह अपनी दादी के निधन के बाद परिवार के साथ रहने जा रहे हैं। दिपके की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दिपके का शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
परिवार के मुताबिक, रविवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिपके के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत के कारण वह समय पर घर नहीं पहुंच सके और अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए। उनकी मां अनीता दिपके ने सवाल उठाया कि उनके बेटे ने ऐसा क्या गुनाह किया था, जिसके कारण उसे अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनका बेटा न तो आतंकवादी है और न ही देशद्रोही। अनीता दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि उनके बेटे को विमान से ले जाया गया, लेकिन परिवार में हुई दुखद घटना के बावजूद उसे समय पर घर पहुंचने की अनुमति नहीं मिली। CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने हिरासत के दौरान मोबाइल फोन जब्त किए जाने को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि फोन जब्त करते समय उन्हें कोई मेमो नहीं दिया गया। दास ने आशंका जताई कि उनके फोन को हैक या क्लोन किया गया हो सकता है और उसमें कोई सामग्री डालकर भविष्य में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इन आशंकाओं के समर्थन में कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। CJP नेताओं ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दिपके के परिवार में दुखद घटना के बावजूद संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। दिपके ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त की सुरक्षा के लिए दिल्ली में की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे आम लोगों को परेशानी हुई। पार्टी नेताओं ने आगे की रणनीति पर चर्चा करने की बात कही है।