Oct 31, 2026 Login
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उत्तराखंडः वन पंचायत व सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट सख्त! वेबसाइट पर अपलोड होंगे अद्यतन नक्शे, मुख्य सचिव की कमेटी से दो हफ्ते में मांगा शपथ पत्र

 Uttarakhand: High Court takes a strict stance on encroachment upon 'Van Panchayat' (forest council) and government land! Updated maps are to be uploaded to the website; an affidavit has been sought

नैनीताल। उत्तराखंड में वन पंचायतों और सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने वन पंचायतों की भूमि को अतिक्रमण से बचाने के लिए उनके अद्यतन नक्शे तैयार कर वन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सरकारी भूमि की डिजिटल मैपिंग और जियो टैगिंग की प्रगति को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी से दो सप्ताह के भीतर शपथ पत्र पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिए कि वन पंचायतों की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने के लिए वन विभाग उनके अद्यतन नक्शे तैयार कराए और उन्हें विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करे, ताकि वन पंचायतों की सीमाओं की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हो सके और भविष्य में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोका जा सके। वहीं, सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण से जुड़े मामलों को जिला स्तरीय समन्वय समिति के समक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति की ओर से सुनवाई किए जाने तक संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई स्थगित रहेगी। इसके अलावा कोर्ट ने सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए पूर्व में दिए गए डिजिटल मैपिंग और जियो टैगिंग के आदेशों पर भी प्रगति रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में गठित कमेटी की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी को दो सप्ताह के भीतर शपथ पत्र दाखिल कर बताना होगा कि प्रदेश में सार्वजनिक भूमि की डिजिटल मैपिंग और जियो टैगिंग का कार्य कहां तक पहुंचा है। इस तरह हाईकोर्ट ने वन पंचायतों की भूमि से लेकर सरकारी जमीन तक को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए संबंधित विभागों को जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए हैं।