Oct 15, 2026 Login
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उत्तराखण्डः हरिद्वार की इंदिरा बस्ती के 60 परिवारों को हाईकोर्ट से राहत! 1998 और 2016 के नियमितीकरण प्रस्तावों का मुद्दा उठा, डीएम को सभी पक्ष सुनकर निर्णय लेने के निर्देश

Uttarakhand: Relief for 60 families in Haridwar’s Indira Basti from the High Court! The issue of regularization proposals from 1998 and 2016 has been raised, and the District Magistrate (DM) has been

नैनीताल। हरिद्वार के कनखल स्थित इंदिरा बस्ती में दशकों से रह रहे लोगों को उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। एनएच-58 के लिंक मार्ग के नाम पर बस्ती खाली करने के लिए जारी नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी हरिद्वार को प्रभावित लोगों और लोक निर्माण विभाग का पक्ष सुनकर मामले में निर्णय लेने के निर्देश के साथ बस्ती के नियमितीकरण के पुराने प्रस्ताव पर भी स्थिति स्पष्ट करने को कहते हुए मामले को निस्तारित कर दिया है। सुनवाई में न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकल पीठ ने बस्ती के नियमितीकरण से जुड़े पुराने प्रस्ताव पर सवाल उठाए। कोर्ट के समक्ष बताया गया कि वर्ष 1998 में नियमितीकरण का प्रस्ताव मेला अधिकारी के समक्ष लंबित था। वहीं, मलिन बस्तियों के संबंध में वर्ष 2016 में कानून बनने के बाद नगर निगम हरिद्वार ने भी इंदिरा बस्ती को नियमितीकरण के लिए सूची में क्रम संख्या 13 पर चिह्नित किया था। इसके बावजूद इस दिशा में आगे की कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। बता दें कि ओमपाल सिंह समेत पांच लोगों द्वारा हाईकोर्ट इंदिरा बस्ती के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ याचिका दाखिल की गई, जिसमें कहा गया कि वे हरिद्वार के कनखल स्थित इंदिरा बस्ती में करीब 60 परिवार पिछले 50 से 60 वर्षों से रह रहे हैं। बीती 29 सितंबर को जारी नोटिस में बस्ती के लोगों को अतिक्रमणकारी बताते हुए 15 दिन के भीतर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में कहा गया था कि ऐसा नहीं करने पर अतिक्रमण को बलपूर्वक हटाया जाएगा, क्योंकि इससे यातायात प्रभावित हो रहा है।याचिकाकर्ताओं ने 29 सितंबर को जारी नोटिस पर रोक लगाने और अपने मकानों को ध्वस्त किए जाने से सुरक्षा देने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देशों से फिलहाल प्रभावित परिवारों को राहत मिली है।