उत्तराखण्डः मानसून ने बढ़ाई मुश्किलें! हर्षिल में भागीरथी का बढ़ता जलस्तर बना खतरा! बागेश्वर में 14 सड़कें बंद, देहरादून एयरपोर्ट से चार उड़ानें डायवर्ट

Uttarakhand: Monsoon brings trouble! Rising water levels of the Bhagirathi River pose a threat in Harsil; 14 roads closed in Bageshwar, and four flights diverted from Dehradun Airport.

देहरादून/बागेश्वर। उत्तराखण्ड में मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश अब लोगों के लिए राहत के साथ-साथ बड़ी मुसीबत भी बनती जा रही है। जहां मैदानी क्षेत्रों में झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, नदियों के बढ़ते जलस्तर और सड़क मार्गों के बाधित होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी का बढ़ता जलस्तर और तेज कटाव लोगों के लिए भय का कारण बना हुआ है, जबकि बागेश्वर जिले में भूस्खलन के चलते 14 सड़कें बंद हो गई हैं। दूसरी ओर खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला, जहां देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से संचालित चार उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा।

हर्षिल में भागीरथी नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
उत्तरकाशी जिले के सीमांत हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी लगातार उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटाव ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के लोग पिछले कई दिनों से संभावित आपदा की आशंका के बीच भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 की आपदा के दौरान हर्षिल क्षेत्र में बनी झील और उसके बाद से लगातार हो रहे नदी कटाव के कारण हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो पूरा हर्षिल क्षेत्र और इसके निचले इलाके बड़ी आपदा की चपेट में आ सकते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को हर्षिल क्षेत्र के आठ गांवों के ग्राम प्रधान, पूर्व जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जिलाधिकारी प्रशांत आर्य से मिलने जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व प्रधान एवं वयोवृद्ध महिला बसंती नेगी ने जिलाधिकारी से भावुक अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने बताया कि गत शुक्रवार रात भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से जीएमवीएन का एक टिनशेड भी नदी में बह गया था, जिससे खतरे की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है। 

बागेश्वर में भूस्खलन से 14 सड़कें बंद
बारिश का सबसे अधिक असर बागेश्वर जिले में देखने को मिला है। जिले के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं लगातार जारी हैं। बुधवार सुबह तक जिले की कुल 14 मोटर सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं, जिससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य क्षेत्रों से प्रभावित हो गया। संबंधित विभागों की टीमें जेसीबी, लोडर मशीनों और श्रमिकों की सहायता से युद्धस्तर पर मलबा हटाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी मार्गों को यातायात के लिए खोला जा सके ताकि लोगों को राहत मिल सके।

देहरादून एयरपोर्ट पर बारिश का असर, चार उड़ानें डायवर्ट
लगातार हो रही तेज बारिश का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण विभिन्न शहरों से आने वाली चार उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। सुबह लगभग 11 बजे मुंबई से देहरादून आने वाली इंडिगो की उड़ान को दिल्ली भेजा गया। इसके कुछ देर बाद जयपुर से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को चंडीगढ़ डायवर्ट किया गया। दोपहर 12 बजे कोलकाता से आने वाली इंडिगो की उड़ान को जयपुर भेजा गया, जबकि दोपहर एक बजे दिल्ली से देहरादून आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट को भी वापस दिल्ली लौटना पड़ा।