उत्तराखण्डः फर्जी एनओसी से अनुकंपा नियुक्ति का आरोप! हाईकोर्ट ने प्रतिवादी और पिता को भेजा नोटिस, सरकार से मांगा जवाब
नैनीताल। फर्जी तरीके से एनओसी हासिल कर अनुकंपा नियुक्ति लेने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे नाबालिग होने के बावजूद बालिग दिखाकर उसकी सहमति और एनओसी हासिल की गई और इसके आधार पर नियुक्ति दी गई। याचिकाकर्ता ने इस नियुक्ति को चुनौती देते हुए कोर्ट से नियुक्ति निरस्त करने और उसके बालिग होने तक पद को उसके लिए सुरक्षित रखने की मांग की है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नियुक्ति पाने वाले प्रतिवादी और उसके पिता को नोटिस जारी किया है। साथ ही राज्य सरकार से छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है। बता दें कि संबंधित महिला की मां वन विभाग में दरोगा के पद पर कार्यरत थीं और उनकी मृत्यु के बाद शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उनकी सौतेले पुत्र को फॉरेस्ट गार्ड के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि वह उस समय नाबालिग था और उसकी मां की मृत्यु के तुरंत बाद उसके मामा की ओर से विभाग को एक आवेदन दिया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि याचिकाकर्ता के बालिग होने तक उसकी मां के पद पर किसी अन्य को नियुक्ति न दी जाए। आरोप है कि विभाग की ओर से इस मामले में जांच भी की गई, लेकिन जांच के तथ्यों का समुचित संज्ञान नहीं लिया गया और बाद में संबंधित व्यक्ति को नियुक्ति दे दी गई। इसी नियुक्ति को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में मांग की गई है कि नियुक्ति को रद्द किया जाए और याचिकाकर्ता के बालिग होने तक संबंधित पद को उसके लिए सुरक्षित रखा जाए।