Oct 14, 2026 Login
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उत्तराखंड : एसआईटी जांच के दायरे में आ सकते है कई आईएएस और पीसीएस अधिकारी, जानिए क्या है मामला

Uttarakhand : Many IAS and PCS officers may come under SIT investigation, know what is the matter

उत्तराखंड के सिडकुल में अवैध नियुक्तियों और निर्माण कार्यों की जांच के लिए एसआइटी गठित होने के बाद आइएएसऔर पीसीएस अफसरों का जांच के दायरे में आना तय है। माना जा रहा है कि इस घपले में भी एनएच 74 जमीन मुआवजा घपले की तरह एक्शन हो सकता है। त्रिवेंद्र रावत सरकार ने कांग्रेस कार्यकाल में वर्ष 2012 से लेकर मार्च 17 तक हुई बड़ी अनियमितताओं के जांच के लिए एसआइटी गठित की थी। अब इस प्रकरण में कई सीनियर अफसरों में खलबली शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो पहले आइएएसअफसरों की एक खास लॉबी एसआइटी जांच के पक्ष में नहीं था, लेकिन कुछ अफसरों के इसमें रूचि लेने के बाद ही यह जांच भी एसआइटी को देने का रास्ता साफ हो पाया। दरअसल, आइएएसअफसरों की यह लॉबी इस पक्ष में नहीं थी कि किसी आइएएस अफसर से आइपीएस अफसर पूछताछ करें।

राज्य गठन के बाद सबसे बड़ा घपला- 
सूत्रों ने बताया कि सिडकुल में निर्माण, अवैध नियुक्तियों और प्लाटों के आंवटन में लगभग 800 करोड़ का घपला हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तराखंड गठन के बाद यह राज्य का सबसे बड़ा घपला हो सकता है। लिहाजा कई अफसरों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

बिल्डरों को रियायती दरों पर जमीनें लुटाई- 

अफसरों ने इस दौरान सिडकुल क्षेत्रों में बिल्डरों पर जमकर जमीन लुटाई। उन्हें बाजारी मूल्य से भी कम रियायती दरों पर जमीनों का आवंटन किया गया।कांग्रेस सरकार में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट और किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने विधान सभा के सदन में इस मुद्दे को उठाया भी था, लेकिन तब भी सरकार ने कोई गौर नहीं किया।

प्रबंध निदेशक तैनाती पीरियड
राकेश शर्मा 16-9-11 से 2-5-13
आर मीनाक्षी सुंदरम 13-11-13 से 6-2-14
शैलेश बगोली 6-2-14 से 16-7-14
आर राजेश कुमार 16-7-14 से 1-11-17
सौजन्या 1-11-17 से दिसंबर, 18
सी रवि शंकर 29-12-18 से अब तक

विस में भी ऐसी मनमाफिक भर्तियां हुईं- 

कांग्रेस कार्यकाल में बेरोजगारों के साथ विधानसभा सचिवालय में भी नियुक्तियों में छल किया गया। तब तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने आचार संहिता लागू होने से ऐनवक्त पहले डेढ़ सौ से ज्यादा अपने चहेतों को वहां फिट कर दिया। भर्ती की कोई विज्ञप्ति जारी किए बगैर बैकडोर से मोटी तनख्वाह पर इन्हें रखा गया। यह मसला हाईकोर्ट भी पहुंचा, लेकिन अवैध भर्तियों पर अब तक कोई आंच नहीं आई है।

त्रिवेंद्र ने उठाए अहम सवाल
उच्चस्तरीय सूत्रों ने बताया कि सीएम त्रिवेंद्र रावत ने जब सिडकुल में हुई अवैधानिक नियुक्तियों और उनके वेतन निर्धारण की फाइल तलब कर परीक्षण किया तो एक बार तो वे भी भौचक्के रह गए और कुछ देर तक अपना माथा पकड़ लिया। उन्होंने इसे गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए बाकायदा एसआइटी जांच के सिफारिश की फाइल में नियुक्तियों और वेतन निर्धारण पर सवाल उठाए हैं।

एनएच घपले में नप चुके हैं आइएएस- 

त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल में ऊधमसिंहनगर के चर्चिच एनएच 74 जमीन मुआवजा घपले में दो आइएएसऔर छह पीसीएस अफसर सस्पेंड हो चुके हैं। इनमें अब कुछ बहाल भी हो चुके हैं, जबकि कई गिरफ्तार भी हुए और कुछ पर यह तलवार लटकी है। इस घपले की तरह सिडकुल घपले में भी आइएएसऔर पीसीएस अफसरों पर भी तलवार लटक सकती है।