Sep 20, 2026 Login

उत्तराखण्डः बदरीनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी! मातृशक्ति संग किया चाचणी नृत्य, देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में लिया हिस्सा

Uttarakhand: CM Dhami arrives at Badrinath Dham! He performed the 'Chachni' dance with women and participated in the Devbhoomi Cultural Festival.

चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ में आयोजित दो दिवसीय ‘देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026’ में भी प्रतिभाग किया। 19 और 20 सितंबर को आयोजित इस महोत्सव की थीम ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ रखी गई है। महोत्सव का आयोजन भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। बदरीनाथ पहुंचने पर हेलीपैड में जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान सेरेमोनियल ड्रेस में सजे पुलिस जवानों ने सलामी देकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने बामणी गांव स्थित मां नंदा देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मातृशक्ति के साथ चाचणी नृत्य में सहभागिता की। मुख्यमंत्री की इस सहभागिता ने क्षेत्र की पारंपरिक लोक संस्कृति और स्थानीय परंपराओं की झलक भी प्रस्तुत की। इसके बाद उन्होंने बदरीनाथ कथा महोत्सव में प्रतिभाग किया। बदरीनाथ प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आस्था पथ समेत अन्य निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर निर्माण एवं विकास कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक और पारंपरिक गरिमा को भी हर स्तर पर बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।