Oct 14, 2026 Login
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उत्तराखंड:हाईकोर्ट ने पूछा सरकार से शिवालिक रेंज में पेड़ो को काटने की भरपाई के लिए कितने पेड़ लगा रही है सरकार और कहाँ? व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर बताए डीएफओ !

Uttarakhand: High Court asked the government how many trees and where is the government planting to compensate for the cutting of trees in Shivalik range? Appear personally in the court and tell the

उत्तराखंड हाइकोर्ट ने देहरादून से गणेशपुर सहारनपुर के बीच बन रहे 19.5 किलोमीटर के नेशनल हाइवे के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि शिवालिक रेंज में जो 1600 पेड़ काटे जा रहे है सरकार व वन विभाग उनकी भरपाई हेतु कितने पेड़ लगा रही है और कहाँ लगा रही है ?इस सम्बंध में सम्बन्धित डीएफओ 24 सितम्बर को व्यग्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर बताएं। मामले की अगली सुनवाई 24 सितम्बर की तिथि नियत की है। 

आपको बता दे हल्द्वानी निवासी अमित खोलिया ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि केंद्र सरकार ने देहरादून से गणेशपुर निकट सहारनपुर यूपी के बीच 19.5 किलोमीटर की नेशनल हाइवे  बनाई जा रही है, जिसमे से 3 किलोमीटर का हाइवे देहरादून व राजाजी नेशनल पार्क के इको सेंसटिव जोन से होकर गुजर रहा  है। रोड के चौड़ीकरण होने से इको सेंसटिव जोन का 9 हैक्टेयर क्षेत्रफल कम हो रहा है जिसकी वजह से वहाँ पर विचरण करने वाले वन्य जीवों के क्षेत्र पर प्रभाव पड़ रहा है या वन्य जीवों का क्षेत्र कम हो रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि रोड के चौड़ीकरण होने से करीब 2700  पेड़ काटे जा जाने है जिनकी उम्र करीब 100 से 150 साल है और इन्हें पेड़ो को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि ऐसी परिस्थियों में केंद्र सरकार को राज्य सरकार से अनुमति लेनी होती है और राज्य सरकार के मुख्य बन प्रतिपालक मौका मुयाना करता है जो उनके द्वारा नही किया गया और जिसकी सीधे अनुमति दे दी गयी। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि जो क्षेत्र इको सेंसटिव जोन का कम हो रहा है उसके बदले कहीं अन्य क्षेत्र में इसका विस्तार नही किया जा सकता, जिसके कारण विचरण करने वाले जीवों के क्षेत्रफल पर पड़ रहा है और इसकी जांच कराई जाय,जबकि कोर्ट ने इसके निर्माण पर पहले ही रोक लगा रखी है। अभीतक सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक पहल नही की गई है न ही कोई सुझाव दिया गया है।