उत्तराखंड HC: किसी की पेंशन से अनिवार्य कटौती नही की जा सकती, यह उनकी व्यक्तिगत संपति है : HC
उत्तराखंड हाइकोर्ट ने राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों से सरकार द्वारा स्वास्थ्य बीमा के नाम पर जबरन उनकी पेंशन से स्वाथ्य बीमा के नाम हर माह पैसा वसूलने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देशित करते हुए कहा है किसी की पेंशन से अनिवार्य कटौती नही की जा सकती कोर्ट ने राज्य से पूछा है कि वे इसे जारी रखना चाहेगे या बंद करेगे,इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से सोमवार तक जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तिथि नियत की है।
आपकों बता दे देहरादून निवासी गणपत सिंह बिष्ठ व अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि राज्य सरकार ने स्वाथ्य बीमा के नाम पर उनकी अनुमति के बिना 21 दिसम्बर 2020 को एक शासनादेश जारी कर उनकी पेंशन से अनिवार्य कटौती 1 जनवरी 2021 से शुरू कर दी है।याचिकर्ताओ का कहना है कि यह उनकी व्यक्तिगत सम्पति है सरकार इस पर इस तरह की कटौती नही कर सकती। यह असवैधानिक है। पूर्व में यह व्यवस्था थी कि कर्मचारीयो का स्वाथ्य बीमा सरकार खुद वहन करती थी परन्तु अब सरकार उनके पेंशन से स्वाथ्य बीमा के नाम पर हर महीने पैंसा काट रही है। लिहाजा इस सम्बंध में जारी पूर्व व्यवस्था को लागू किया जाय।