उत्तराखण्डः रुद्रपुर में डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई का मामला! हाईकोर्ट ने चार्जशीट पर लगाई रोक, सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी रुद्रपुर की जांच आख्या के आधार पर तत्कालीन डीएफओ के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही पर लगाई गई चार्जशीट को उपस्थित न करने पर सुनवाई करते हुए चार्जशीट पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि डॉ. अभिलाषा पर लगाए गए आरोपों के दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराए गए थे या नही? इसपर 9 मई तक स्पष्टीकरण दें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 मई की तिथि नियत की गई है। बता दे कि रुद्रपुर की तत्कालीन डीएफओ डॉ. अभिलाषा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि जब वो गर्भवती थी उस दौरान शासकीय कार्यों में प्रतिभाग न करने को लेकर उनके खिलाफ तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें एक पत्र के आधार पर कारण बताओ नोटिस दिया गया। बाद में उनके खिलाफ चार्जशीट लगा दी। उनके द्वारा इस चार्जशीट को केंद्रीय प्रसाशनिक अधिकरण में चुनोती दी गयी। परन्तु अधिकरण ने चार्जशीट को निरस्त नही किया। जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय में इसे निरस्त करने की मांग की। उनके द्वारा याचिका में कहा गया कि जब वे मैटरनिटी लिव पर थी उस समय वे तहसील दिवस के कार्यक्रम में प्रतिभाग नही कर सकीं। जिलाधकारी द्वारा एक शिकायती पत्र के आधार पर उन्हें पहले कारण बताओ नोटिस दिया, फिर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक की कार्यवाही शुरू कर दी। इसलिए इस पर रोक लगाई जाय या चार्जशीट को निरस्त किया जाय।