हैवानियत की हदें पारः रिक्शा चालक ने चंद रूपयों के लिए बेच दी मासूम! 30 से ज्यादा दरिंदों ने किया गैंगरेप, सड़क पर उतरे लोग

Unspeakable brutality: Rickshaw puller sells innocent girl for a pittance! Gang-raped by over 30 monsters; people take to the streets.

नई दिल्ली। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची से कथित सामूहिक दुष्कर्म और मानव तस्करी का मामला सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने कानून-व्यवस्था, अवैध होटल संचालन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी, छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एफआईआर के अनुसार, घर से लापता हुई नाबालिग को एक स्थानीय रिक्शा चालक ने कथित रूप से बहला-फुसलाकर कुछ लोगों को चंद रूपयों के लिए बेच दिया। जिसके बाद उसके साथ गंभीर अपराध किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि होटल मालिकों और मैनेजरों ने मासूम बच्ची को महज 5 दिनों के भीतर 30 से ज्यादा दरिंदों के आगे परोसा। दिन के समय भी कई लोग इस मासूम के साथ हैवानियत करते थे। सबसे ज्यादा हैरान और विचलित करने वाली बात यह है कि जब दरिंदगी के कारण मासूम बच्ची दर्द से तड़पती थी, तो आरोपी उसे चुप कराने और सुलाने के लिए जबरन शराब पिला देते थे। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी आरोपों का सत्यापन साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। पुलिस ने कुछ होटल संचालकों और प्रबंधकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। घटना के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो इस प्रकार की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र एवं कठोर कानूनी सजा दिलाने की मांग की।

अवैध होटलों के संचालन पर उठे सवाल
घटना के बाद जिले में संचालित अवैध होटलों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बड़ी संख्या में होटल बिना आवश्यक अनुमति और निर्धारित मानकों के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे सभी प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर नियमों के विरुद्ध संचालित होटलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में
विपक्षी दलों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में भी संबंधित क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की सूचनाएं मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाना, मामले में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या पुलिस लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना तथा अवैध रूप से संचालित होटलों की व्यापक जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है।