दर्दनाक हादसा: तेज बारिश के बीच 10 इंच के ड्रेनेज पाइप में फंसा 6 साल का मासूम,दम घुटने से मौत

Tragic Accident: 6-year-old child gets trapped in a 10-inch drainage pipe amidst heavy rain; dies of suffocation.

देहरादून। उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक के साथ ही हादसों का सिलसिला शुरू हो गया है। देहरादून के विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खादर बस्ती में शनिवार (18 जुलाई) की शाम एक ऐसा दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। यहाँ तेज बारिश के दौरान सड़क किनारे खेल रहा एक छह वर्षीय मासूम बच्चा पानी के तेज बहाव के बीच जल निकासी (वाटर ड्रेनेज) के लिए डाले गए महज 10 इंच के संकरे पाइप में फंस गया। काफी देर तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब तक बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरी बस्ती में मातम पसरा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम को इलाके में मूसलाधार बारिश हो रही थी। इसी दौरान मस्जिद के पास कुछ बच्चे सड़क किनारे पानी में खेल रहे थे। खेलते-खेलते छह साल का यह मासूम पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और नाली के करीब पहुंच गया। पानी का प्रेशर इतना अधिक था कि बच्चा नाली में लगे 10 इंच के संकरे ड्रेनेज पाइप के भीतर समा गया और उसमें बुरी तरह फंस गया। बच्चे को पाइप में फंसा देख आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। हादसे की खबर मिलते ही विकासनगर कोतवाली और बाजार चौकी पुलिस की टीम आपातकालीन अमले के साथ मौके पर पहुंची। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पाइप संकरा होने के कारण हाथ से बच्चे को निकाल पाना नामुमकिन था, जिसके बाद तुरंत जेसीबी मशीन को मौके पर बुलाया गया। कड़ी मशक्कत और भारी एहतियात बरतते हुए जेसीबी की मदद से कंक्रीट और पाइप को तोड़ा गया। काफी देर बाद बच्चे को बाहर निकाला जा सका, लेकिन तब तक वह पूरी तरह अचेत (बेहोश) हो चुका था। पुलिस और स्थानीय लोग आनन-फानन में मासूम को लेकर उप जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दम घुटने को मौत का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद खादर बस्ती के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए हाल ही में हुए सड़क निर्माण और लचर जल निकासी व्यवस्था को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नई सड़क का ढाल (स्लोप) अत्यधिक और त्रुटिपूर्ण बनाया गया है। नालियां जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं, जिसके कारण बारिश का पानी बेहद तेज गति से नदियों की तरह बहता है। ड्रेनेज पाइप के मुहाने पर कोई जाली या सुरक्षा कवच नहीं लगाया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है। मामले पर जानकारी देते हुए विकासनगर के बाजार पुलिस चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह गुंसाईं ने बताया कि बारिश के दौरान बच्चे बाहर खेल रहे थे। प्रथम दृष्टया यह हादसा लापरवाही और बच्चों की नादानी के कारण खेल-खेल में हुआ है। बच्चा पानी में बहकर दूर से नहीं आया था, बल्कि नाली के पास ही खेल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक परिजनों या ग्रामीणों की तरफ से कोई लिखित तहरीर (शिकायत) प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर मॉनसून के दौरान बच्चों की सुरक्षा और शहरी नागरिक निकायों की निर्माण संबंधी लापरवाहियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।