कातिल कोरोना ने प्रदेश में मचाया हाहाकार, मृत्यु प्रमाण पत्र के आंकड़ों ने खोली पोल
कोरोना महामारी के कारण आज पूरा देश प्रभावित हुआ है प्रदेश उत्तराखंड भी इस संकट से अछूता नहीं रहा है प्रदेश में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को सामने आया था तब से लगातार कोरोना महामारी ने प्रदेश में हाहाकार मचा हैं । प्रदेश में कोरोना के मौत के जो मामले सामने आए हैं वे चौंकाने के साथ हैरान परेशान करने वाले हैं ।
प्रदेश में कोरोना के मामले अभी भी धीमी गति के साथ सामने आ रहे हैं, जिससे प्रदेश स्वास्थ्य महकमे की चिंता कम नहीं हुई है. वहीं, उत्तराखंड में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का पहला मामला 15 मार्च 2020 को सामने आया था । जिसके बाद से 19 जुलाई 2021 तक कोरोना संक्रमण की वजह से 7357 लोगों की मौत हुई ।
जानकारी और आंकड़ों पर नजर डाले तो जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 के बीच जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्र के अनुसार इस दौरान 85,543 लोगों की मौत हुई, जबकि इस दौरान कोविड-19 से 2624 लोगों की ही मौत हुई है। यानी करीब 3 फीसदी लोगों की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि पिछले 16 महीने में हुई मौतों में से करीब 97 फीसदी लोगों की मौत अन्य बीमारियों और अन्य वजहों से हुई है।
सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी के अनुसार आरटीआई के तहत मांगे गए जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी उपलब्ध कराई कि जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 के बीच 85,543 लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया. जिसमें 50,672 पुरुष और 34,871 महिलाएं शामिल हैं ।यही नहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पिछले साल यानी जनवरी 2020 से दिसंबर 2020 के बीच प्रदेश भर में 62,219 लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है. जिसमें 36865 पुरुष और 25354 महिलाएं शामिल हैं, वहीं, जनवरी 2021 से अप्रैल 2021 के बीच 23,324 लोगों का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हुआ था जिसमें 13,807 पुरुष और 9,517 महिलाएं शामिल थी ।