रिश्तों का कत्ल: 10 साड़ी और 16 हजार में कलयुगी मां ने बेची 12 साल की मासूम; खरीदार और ऑटो चालक ने पार की दरिंदगी की हदें

The Murder of Relationships: A 'Kalyugi' Mother Sells Her Innocent 12-Year-Old Daughter for 10 Sarees and ₹16,000; Buyer and Auto-Rickshaw Driver Cross All Limits of Brutality.

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है, बल्कि समाज के क्रूर चेहरे को भी बेनकाब कर दिया है। चंद रुपयों और साड़ियों के लालच में एक कलयुगी मां ने अपनी ही 12 साल की मासूम बेटी का सौदा कर दिया। इसके बाद उस बच्ची को चार महीने तक दरिंदगी के ऐसे दौर से गुजरना पड़ा, जिसकी कल्पना मात्र से रोंगटे खड़े हो जाएं। सारनाथ थाना पुलिस ने शनिवार को इस खौफनाक मानव तस्करी और सामूहिक दुष्कर्म के मामले का भंडाफोड़ करते हुए पीड़िता की मां, मुख्य खरीदार और एक ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। मामला इसी साल जनवरी 2026 का है। बिहार के अरवल जिले की रहने वाली एक महिला की मुलाकात ट्रेन यात्रा के दौरान चंदौली के बलुआ निवासी 40 वर्षीय लहरू यादव उर्फ राकेश से हुई। लहरू, जिसकी पत्नी का देहांत हो चुका था और जो दो बच्चों का पिता था, उसने महिला के सामने उसकी नाबालिग बेटी को खरीदने का प्रस्ताव रखा। लहरू यादव ने समाज की आंखों में धूल झोंकने के लिए चहनिया क्षेत्र के एक मंदिर में मासूम के साथ शादी का ढोंग रचाया। लेकिन उसने बच्ची को पत्नी का दर्जा नहीं दिया, बल्कि उसे बंधक बनाकर चार महीने तक लगातार अपनी हवस का शिकार बनाता रहा। आरोपी लहरू कितना शातिर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह कम उम्र का दिखने के लिए दिल्ली गया और वहां 90 हजार रुपये खर्च करके हेयर ट्रांसप्लांट कराया। हाल ही में उसने अपनी 17 लाख रुपये की जमीन बेची थी और वह अय्याशी में डूबा हुआ था।

दरिंदगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 19 मई को आरोपी लहरू बच्ची को बनारस (मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में छोड़कर भाग गया। रोती-बिलखती मासूम को अकेला देख झारखंड के रहने वाले और वाराणसी में ऑटो चलाने वाले रवि वर्मा ने मदद का झांसा दिया। वह बच्ची को सुरक्षा का भरोसा देकर अपने साथ ऑटो में ले गया, लेकिन सारनाथ स्थित एक तालाब के पास उसने भी बच्ची के साथ जबरन दुष्कर्म किया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। ऑटो चालक रवि वर्मा दुष्कर्म के बाद पीड़िता को पहड़िया स्थित अपने कमरे पर ले गया। वहां एक छोटी बच्ची को संदिग्ध हालत में देखकर स्थानीय पड़ोसियों को शक हुआ। जागरूक नागरिकों ने बिना देर किए इसकी सूचना सारनाथ पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मासूम को दरिंदे के चंगुल से मुक्त कराया। काउंसलिंग के दौरान जब बच्ची ने अपनी आपबीती सुनाई, तो पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शनिवार को फरीदपुर अंडरपास और सारनाथ स्टेशन के पास से कलयुगी मां, लहरू यादव और ऑटो चालक रवि वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस हिरासत में रोते हुए मां ने कबूल किया, "मैं लालच में आ गई थी, जिसकी सजा अब भुगत रही हूँ।