दुई दिना का ड्यार शेरूवा यो दुनी मैं....! हमेशा-हमेशा के लिए खामोश हो गई पहाड़ की मधुर आवाज, सुप्रसिद्ध लोकगायक दीवान सिंह कनवाल ने 65 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

The melodious voice of the mountains, the beloved of the two days, has been silenced forever. Renowned folk singer Diwan Singh Kanwal has passed away at the age of 65.

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा से एक दुखद खबर सामने आई है। उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध और लोकप्रिय गायक दीवान सिंह कनवाल का आज बुधवार तड़के निधन हो गया। उन्होंने 65 वर्ष की आयु में अल्मोड़ा के खत्याड़ी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन पर संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गयी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत तमाम संगीत प्रेमियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। 
बता दें कि दीवान सिंह कनवाल 2021 में जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा से सीनियर ब्रांच मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह कुमाऊंनी लोकगीतों के सृजन और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया था। उनका लोकप्रिय गीत ‘दुई दिना का ड्यार शेरूवा यो दुनी मैं, न त्यार न म्यार शेरूवा यो दुनी में’’ लोगों के बीच बेहद चर्चित रहा। उनकी आवाज में कुमाऊं की वादियों की मिठास, पहाड़ों की संवेदना और लोकजीवन की गहराई साफ झलकती थी। उन्होंने ‘आज कु छै मैत जा’, ‘हिट मेरी रंगीली’, ‘त्यार पहाड़, म्यार पहाड़’, जैसे कई गीतों के माध्यम से कुमाऊंनी लोकसंगीत को नई पहचान दिलाई।