द कश्मीर फाइल्स:फिल्म में वो तमाम सीन जो आपको कश्मीर के लगे,वो उत्तराखंड की इन जगहों के है! आखिर क्यों फ़िल्म के एक दृश्य में उत्तराखंड के लोगो ने मचा दिया था बवाल?
द कश्मीर फाइल्स!सुबह शाम हर पल बस सोशल मीडिया में द कश्मीर फाइल्स ही छाई हुई है। क्या आपको पता है कि देश विदेश में धूम मचाने वाली द कश्मीर फाइल्स की 90 प्रतिशत शूटिंग कश्मीर में नही बल्कि उत्तराखंड के कई हिस्सों में हुई थी थी? जी हां! फिल्म में वो तमाम सीन जो आपको कश्मीर के लगते हैं, दरअसल वह मसूरी के हैं। फिल्म मेकर्स ने मसूरी की वादियों को हू-ब-हू कश्मीर बनाने का काम किया है. मसूरी की वादियां कहीं पर भी कश्मीर की वादियों से कम खूबसूरत नजर नही आ रही,इन्हें देखकर आप भी कश्मीर ही मान बैठे होंगे। फ़िल्म में मसूरी की खूबसूरत लोकेशन तो है ही साथ ही उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, चकराता के आसपास की लोकेशन भी फ़िल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। फ़िल्म में 100 से ज्यादा उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों को भी काम करने का मौका मिला है, जो कश्मीरी लोगो के गेट अप में उत्तराखंड के कम और सच मे कश्मीरी ज़्यादा लग रहे है। इन्हीं में आपको देहरादून निवासी तन्मय लोहनी भी दिखाई देंगे जो अनुपम खेर के पोते के दोस्त अब्दुल के किरदार में है। तन्मय की मां पूनम लोहनी ने बताया कि फ़िल्म की ज़्यादातर शूटिंग उत्तराखंड में हुई थी तो शूटिंग के लिए परेशानी नही हुई हालांकि एक दो सीन के लिए तन्मय को कश्मीर भी जाना पड़ा था। फ़िल्म में भद्राज टेम्पल की पहाड़ियों पर भी फ़िल्म के कई सीन फिल्माए गए है, इसके अलावा रजौली का इलाका भी फ़िल्म में दिखाया गया है।

द कश्मीर फाइल्स के जब निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने उत्तराखंड की वादियों में फ़िल्म की शूटिंग करने की सोची थी तब उन्होंने उत्तराखंड की देहरादून बेस्ड लाइन प्रोडक्शन कंपनी The Buzzz Makers से संपर्क किया।फ़िल्म में लाइन प्रोडक्शन का काम इसी कंपनी ने किया और द कश्मीर फाइल्स में स्थानीय कलाकारों को भी मौका दिया। लाइन प्रोड्यूसर गौरव गौतम ने बताया कि कश्मीर फाइल्स की शूटिंग तीन साल पहले शुरू हुई थी. शुरुआती दौर में इस फिल्म को हिमाचल के किसी पहाड़ी इलाके में फिल्माए जाने की प्लानिंग की गई थी. लेकिन द बज्ज मेकर्स लाइन प्रोडक्शन कंपनी ने इस फिल्म के डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री को उत्तराखंड में इस फिल्म की शूटिंग के लिए कहा।

द कश्मीर फाइल्स' में सबसे ज्यादा फेमस लाल चौक का वह सीन हुआ है, जहां पर फिल्म के मुख्य किरदार अनुपम खेर शिवजी के वेश में मौजूद रहते हैं।इस सीन को मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर फिल्माया गया है। एक नजर में देखकर यह पहचाना बेहद मुश्किल है कि वह मसूरी का लाइब्रेरी चौक है या श्रीनगर का लाल चौक।
आपको जानकर हैरानी होगी कि फ़िल्म की शूटिंग के वक्त कुछ दृश्यों में स्थानीय लोगो ने जमकर विरोध भी किया था,क्योंकि लोगो को पता ही नही था कि फ़िल्म की कहानी असल मे है क्या? मसूरी लालटिब्बा क्षेत्र में फिल्माए गए आतंकवादियों द्वारा तिरंगे को उखाड़ कर फेंक देने वाला सीन जब फिल्माया गया, तो स्थानीय लोगों ने इसका बहुत विरोध किया, क्योंकि कोई भी भारतवासी इस तरह का सीन बर्दाश्त नहीं कर सकता है।फिल्म निर्माताओं ने मसूरी के लोगों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं था. उस वक्त लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है? इसी तरह से तमाम दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिख देना और आतंकवादियों के झुंड से कश्मीर का वह माहौल बना देना, कहीं ना कहीं लोगों का विरोध का कारण बनता था। ऐसी कई चुनौतियों का सामना करते हुए फिल्म निर्माताओं ने कश्मीरी पंडितों के दर्द को पर्दे पर उतारा है. आज फिल्म को पर्दे पर देखकर हमारे जेहन में सिरहन हो उठती है. उस वक्त अगर फिल्म को फिल्माने में थोड़ा भी कसर छोड़ी जाती तो आज यह फिल्म लोगों के दिलों पर उतना असर नहीं कर पाती।
