मौत की 'अवैध' इमारत: छह मंजिला बिल्डिंग ढही, 3 की मौत,12 घायल,मलबे में अभी भी कई जिंदगी फंसी होने की आशंका

The 'Illegal' Building of Death: Six-Story Structure Collapses—3 Dead, 12 Injured; Many Lives Feared Still Trapped in the Rubble

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के साकेत के पास स्थित सैदुल्लाजाब इलाके में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। वेस्टर्न मार्ग की गली नंबर-5 में स्थित एक अवैध छह मंजिला इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी मैक्स, एम्स और सफदरजंग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब छह मंजिला इमारत के ऊपर सातवीं मंजिल की छत ढालने की तैयारी चल रही थी।

अग्निशमन विभाग को शाम करीब 7:45 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। हादसे की भयावहता को देखते हुए तुरंत दमकल की गाड़ियां, दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ और दिल्ली नगर निगम की टीमों को खोजी कुत्तों के साथ मौके पर उतारा गया। दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने बताया कि अब तक तीन शव मलबे से निकाले जा चुके हैं। मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय रवि के रूप में हुई है, जबकि घायलों में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और बिहार के छात्र व कामकाजी युवा शामिल हैं। धमाका इतना तेज था जैसे कोई बम फटा हो। कुछ मिनटों तक पूरे इलाके में सिर्फ धूल का अंधकार और पीड़ितों की चीखें थीं। लेकिन इस अफरातफरी के बीच स्थानीय लोगों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। पुलिस और प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय युवक अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे की तरफ दौड़े। मलबे के नीचे से आ रही कराहने की आवाजों को सुनकर लोगों ने अपने हाथों, फावड़ों, रॉड और टॉर्च की मदद से ईंटें और लोहे की सरियों को हटाना शुरू किया। स्थानीय निवासी जगदीश और भीम ने बताया कि उस वक्त किसी को अपनी सुरक्षा का ख्याल नहीं था। एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही जनता ने तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। सैदुल्लाजाब समेत चार गांवों की कमेटी के प्रधान रविंद्र सिंह ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस छह मंजिला आवासीय इमारत में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इसमें कॉफी हाउस, कैफे, कोचिंग सेंटर, पीजी और एक कैंटीन चल रही थी। चश्मदीदों के अनुसार, जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कई छात्र कैंटीन में रात का भोजन कर रहे थे। यही वजह है कि मलबे में और भी छात्रों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अवैध निर्माण को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।