खेलों के महाकुंभ का शंखनाद: आज से शुरू होंगे ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026,125 भारतीय एथलीटों पर टिकी देश की निगाहें
नई दिल्ली। खेलों के शौकीनों के लिए इंतजार की घड़ियां खत्म हो चुकी हैं। स्कॉटलैंड के खूबसूरत शहर ग्लास्गो में आज यानी गुरुवार, 23 जुलाई से 23वें राष्ट्रमंडल खेल का रंगारंग आगाज होने जा रहा है। 2 अगस्त तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में 74 देशों और क्षेत्रों के लगभग 3,000 एथलीट 10 प्रमुख खेलों में 215 स्वर्ण पदकों के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। भारत 19वीं बार इन खेलों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इस बार भारत ने 125 सदस्यीय मजबूत दल मैदान में उतारा है, जो न केवल अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने बल्कि नए कीर्तिमान रचने के इरादे से उतरा है।
स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में गुरुवार से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रंगारंग आगाज होने जा रहा है। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इन खेलों में 74 देशों और क्षेत्रों के करीब 3,000 खिलाड़ी 10 खेलों की 215 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे। भारत इस बार 125 सदस्यीय दल के साथ उतर रहा है और पहले दिन उसकी शुरुआत लॉन बॉल्स से होगी। देर रात ग्लास्गो के प्रसिद्ध ओवो हाइड्रो एरीना में भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में 19वीं बार भाग ले रहा है। 1934 में पहली बार इन खेलों में हिस्सा लेने वाले भारत ने पिछले संस्करण बर्मिंघम 2022 में 61 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार भी भारतीय दल से कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। भारतीय खिलाड़ियों का पहला मुकाबला लॉन बॉल्स में होगा। पुरुष सिंगल्स और महिला पेयर्स वर्ग के ग्रुप स्टेज मुकाबले भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से शुरू होंगे। इसके बाद रात 10:30 बजे उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा, जिसमें भारत का दल भी मार्च पास्ट करेगा। भारत के लिए लॉन बॉल्स अब पदक दिलाने वाला खेल बन चुका है। बर्मिंघम 2022 में लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी तिर्की की महिला टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। वहीं पुरुष टीम ने रजत पदक अपने नाम किया था। ऐसे में इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों से दमदार शुरुआत की उम्मीद है। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स की उद्घाटन समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक होगा। पहली बार यह पूरी तरह इंडोर एरीना में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार समारोह में स्कॉटलैंड की सांस्कृतिक विरासत, आधुनिक तकनीक, आकर्षक विजुअल इफेक्ट्स और संगीत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। सभी 74 देशों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए किंग्स बैटन की प्रस्तुति भी समारोह का प्रमुख आकर्षण होगी। भारत की ओर से ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च करेंगी, जबकि मुक्केबाजी स्टार लवलीना बोरगोहेन भारतीय दल के साथ किंग्स बैटन लेकर चलेंगी। इस बार खेलों का आधिकारिक शुभंकर 'फिनी' है, जिसे स्कॉटलैंड के राष्ट्रीय पशु यूनिकॉर्न से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। भारत इस बार कई स्टार खिलाड़ियों के दम पर पदकों की मजबूत उम्मीद लेकर उतरा है। एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा, मुरली श्रीशंकर और तेजस्विन शंकर, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू, मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन, जूडो में तुलिका मान, तैराकी में श्रीहरि नटराज और साजन प्रकाश, ट्रैक साइक्लिंग में रोनाल्डो सिंह तथा जिम्नास्टिक्स में प्रणति नायक पर सभी की नजरें रहेंगी। पैरा स्पोर्ट्स में भी भारतीय खिलाड़ी पदक जीतने की प्रबल दावेदारी पेश करेंगे। ग्लास्गो और भारत के समय में साढ़े चार घंटे का अंतर होने के कारण भारतीय दर्शकों को अधिकांश मुकाबले दोपहर से देर रात तक देखने को मिलेंगे। प्रारंभिक मुकाबले दोपहर 1:30 बजे से शुरू होंगे, जबकि पदक मुकाबले रात के सत्र में आयोजित किए जाएंगे। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर उपलब्ध रहेगी। चार वर्षों के इंतजार के बाद शुरू हो रहे इस बहु-खेल महाकुंभ में भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। पहले ही दिन लॉन बॉल्स से भारत की पदक यात्रा की शुरुआत पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।