स्वतंत्रता दिवस: देश के 78 रणबांकुरों के लिए वीरता पुरस्कार का ऐलान! उत्तराखण्ड में आईजी भरणे समेत 14 पुलिस अफसर व कर्मी मुख्यमंत्री मेडल से होंगे अलंकृत
नई दिल्ली/देहरादून। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश और उत्तराखंड में वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के जवानों और पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए कुल 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे। वहीं, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पदक के लिए पुलिस विभाग के 14 अधिकारियों और कर्मचारियों का चयन किया गया है। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के 154 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को डीजीपी प्रशस्ति डिस्क और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत वीरता पुरस्कारों में नौ कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, पांच बार टू सेना मेडल (वीरता), 36 सेना मेडल (वीरता), तीन नौसेना मेडल (वीरता) और पांच वायु सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं। इनमें एक शौर्य चक्र बार भी शामिल है। कीर्ति चक्र, अशोक चक्र के बाद शांति काल में दिया जाने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है, जबकि शौर्य चक्र तीसरा सबसे बड़ा शांति-कालीन वीरता सम्मान है। राजपूताना राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र के लिए बार प्रदान किया जा रहा है। वह वर्तमान में 44 असम राइफल्स में तैनात हैं। इससे पहले जून 2026 में भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के खिलाफ चलाए गए एक साहसिक अभियान में असाधारण वीरता दिखाने के लिए उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। अब दोबारा असाधारण वीरता दिखाने पर उनके शौर्य चक्र के साथ बार प्रदान किया जा रहा है। सैन्य सम्मान में ‘बार’ का अर्थ है कि किसी व्यक्ति को उसी श्रेणी का वीरता पुरस्कार दोबारा दिए जाने की पात्रता बनी है। ऐसे में उसे दूसरा अलग पदक देने के बजाय पहले मिले पदक के साथ बार प्रदान किया जाता है। राष्ट्रपति ने 89 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' को भी मंजूरी दी है। इनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के चार और भारतीय वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं। सम्मान पाने वालों में आर्मी डॉग टायसन का नाम भी शामिल है। उसे ऑपरेशन रक्षक के तहत 'मेंशन-इन-डिस्पैचेस' के लिए चुना गया है।
इधर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में पुलिस विभाग के 14 अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा के आधार पर सम्मान मिलेगा, जबकि छह को विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया जाएगा। सेवा के आधार पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे, एएसपी रेवाधर मठपाल, डीएसपी भास्कर लाल शाह, डीएसपी त्रिवेंद्र सिंह राणा, डीएसपी मनीष जस्वाल, इंस्पेक्टर गिरीबर सिंह रावत, इंस्पेक्टर मोहम्मद यासीन और प्लाटून कमांडर दिनेश चंद्र शामिल हैं। वहीं विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में एलआईयू इंस्पेक्टर मनोज मनराल को मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा। इसके अलावा एसआई विनोद कुमार को भी मरणोपरांत सम्मान मिलेगा। इस श्रेणी में आईजी सुनील कुमार मीणा, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, एएसपी शांतनु पराशर और डीएसपी मनोज असवाल का नाम शामिल है।