Aug 22, 2026 Login

भारत-नेपाल सीमा पर कसेगा शिकंजा: देहरादून में 14वीं संयुक्त कार्य समूह बैठक संपन्न, सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर बनी बड़ी सहमति

Stricter controls on India-Nepal border: 14th Joint Working Group meeting concludes in Dehradun; major consensus reached on security and connectivity.

देहरादून। भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता को नया आयाम देने के लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह की दो दिवसीय 14वीं बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। 20 और 21 अगस्त को आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा पार अपराधों पर अंकुश लगाने, इंटेलिजेंस शेयरिंग और सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर व्यापक रणनीति बनाई।

जानकारी के अनुसार भारत और नेपाल ने सीमा प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए साझा रणनीति पर सहमति जताई है। देहरादून में 20 और 21 अगस्त को हुई भारत-नेपाल संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पार अपराध, सुरक्षा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और स्थानीय स्तर पर समन्वय समेत कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (बीएम-आई) पौसुमी बसु ने किया, जबकि नेपाली पक्ष का नेतृत्व नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफले ने किया। बैठक में दोनों देशों की संबंधित सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में सीमा पार अपराध और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच समय पर खुफिया सूचनाएं साझा करने, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने पर चर्चा की। अधिकारियों ने माना कि सीमा क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा बलों और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय से किसी भी घटना पर तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर नियमित संपर्क और व्यवहारिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। दोनों पक्षों ने एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी), सड़क और रेलवे नेटवर्क के विकास और बेहतर उपयोग पर चर्चा की। अधिकारियों ने माना कि मजबूत कनेक्टिविटी से सीमा पार व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर किया जा सकेगा। सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और सीमा स्तंभों के रखरखाव पर भी दोनों देशों ने विचार-विमर्श किया। सीमा चिन्हों की नियमित जांच, मरम्मत और उनका रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने पर सहमति बनी, ताकि भविष्य में किसी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न हो। दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, आपराधिक जांच और आपदा प्रतिक्रिया के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं अनुभव साझा करने पर भी सहमति जताई। अधिकारियों के अनुसार संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यास से दोनों देशों की एजेंसियों की क्षमता बढ़ेगी और आपात परिस्थितियों में बेहतर तालमेल संभव होगा। बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने लगातार संवाद बनाए रखने और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। संयुक्त कार्य समूह की अगली बैठक नेपाल में आयोजित की जाएगी। इसकी तारीख आपसी सहमति से तय होगी। देहरादून बैठक को भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।