Oct 14, 2026 Login
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तो क्या उत्तराखंड विधानसभा चुनाव-2022 में भाजपा विधायकों का कटेगा टिकट ?

So will the ticket of BJP MLAs be cut in Uttarakhand Assembly Elections-2022?

प्रदेश उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव-2022 के लिए भाजपा ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर ही पार्टी आगामी चुनाव में उनको टिकट बांटेगी। भाजपा हाईकमान करीब दो दर्जन विधायकों के नाम ड्रॉप कर सकती है। सूत्रों की मानें तो अपने कार्यकाल में  खराब प्रदर्शन करने वाले करीब 28 विधायकों का इस बार टिकट कट सकता है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराखंड दौरे के दौरान उन्होंने विधायकों के प्रदर्शन पर फीडबैक लेना इस बात को साफ दर्शता है कि विधायकों के प्रदर्शन पर पार्टी हाईकामन की पूरी नगर है। 

उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों के अब कुछ ही समय बचा है। भाजपा ने विधानसभा चुनावों को लेकर एक्सरसाइज शुरू कर दी है। भाजपा की चुनाव की तैयारियों में सबसे महत्वपूर्ण मौजूदा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड है। सत्तारूरढ़ भाजपा में टिकटों पर विचार शुरु हो गया है। अगर विधायकों का रिपोर्ट कार्ड ठीक नहीं हुआ तो विधायकों को 2022 विधानसभा चुनाव का टिकट मिलना मुश्किल हो जाएगा। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि इस बार ढंग से परफॉर्म न करने वाले कई विधायकों का टिकट कट सकता है। इस बार उसी विधायक को विधानसभा चुनावों का टिकट मिलेगा जिसका रिपोर्ट कार्ड सही होगा। पार्टी के 57 विधायकों के लिए सीधी चेतावनी मानी जा रही है जिसमे करीब 28 विधायकों का इस बार टिकट कट सकता है कि अगर 2022 के विधानसभा चुनाव में फिर टिकट चाहिए तो उन्हें अपनी परफ़ॉर्मेंस को सुधारने पर काम करना शुर कर देना चाहिए। 

2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी ने सांसदों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर टिकट दिया था। इसी तरह 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने कई विधायकों के टिकट काट दिए थे और नए प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा था. पिछले चुनावों में प्रचंड बहुमत पाने वाली पार्टी नहीं चाहती कि वह उत्तराखंड की सत्ता से दूर हो जाए इसलिए 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से ही तैयारियों में जुट गई है. इसलिए बीजेपी अपने स्तर विधायकों के कामकाज का फीडबैक समय-समय पर लेती रहती है ताकि विधानसभा चुनावों के समय टिकट बंटवारे के समय उसके पास मूलभूत जानकारी रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान 28 विधायकों के प्रदर्शन से नाखुश है। ऐसे में इन विधायकों का आगामी विधानसभा चुनाव में टिकर कटना तय माना जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा 28 विधायकों के प्रदर्शन से काफी नाखुश दिखाई दिए। ऐसे में पार्टी  28 विधायकों को आगामी चुनाव में ड्रॉप कर नए चेहरों पर भरोसा जता सकती है ताकि पार्टी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ उत्तराखंड में सरकार बना सके। सामने आया कि 28 विधायकों ने पिछला चुनाव जीतने के बाद न तो जनता से कोई संपर्क साधा और न ही अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में रहे। विधायकों की गैर-मौजूदगी में वोटरों में नेताओं के खिलाफ अच्छा रोष है। पार्टी हाईकमान को भी ऐसे विधायकों की लिस्ट भी भेजी जा चुकी है, जिनपर दोबारा भरोसा करना ठीक नहीं रहेगा। वही  उम्रदराज जिताऊ प्रत्याशियाें को दोबारा टिकट देने की भी पैरवी की जा रही  है। फिलहाल, 70 सीटों में से 56 भाजपा के विधायक हैं। आगामी चुनाव को लेकर  सत्तारूरढ़ भाजपा में कई और मुद्दाें पर मंथन किया गया है।