बेलफास्ट में शर्मनाक सरेंडर: विश्व चैंपियन भारत को आयरलैंड ने 2-0 से रौंदा, टूटा 16 सीरीज की अजेयता का महारिकॉर्ड
नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान से एक ऐसी खबर आई है जिसने दुनिया भर के भारतीय क्रिकेट फैंस को सन्न कर दिया है। हाल ही में टी20 विश्व चैंपियन बनी भारतीय क्रिकेट टीम को कमजोर मानी जाने वाली आयरलैंड की टीम ने दो मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया है। बेलफास्ट में खेले गए मुकाबलों में पहले 34 रन और फिर महज एक रन की दिल तोड़ने वाली हार ने भारतीय टीम के अति-आत्मविश्वास और खराब रणनीतियों की पोल खोल कर रख दी है। यह हार कितनी ऐतिहासिक और शर्मनाक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अगस्त 2023 से लेकर 31 जनवरी 2026 तक (हार्दिक पांड्या, रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी के दौर में) भारत ने कम से कम दो मैचों की कोई भी द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं गंवाई थी। आयरलैंड ने भारत के लगातार 16 सीरीज से चले आ रहे अजेय रथ को न सिर्फ रोका, बल्कि भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ ही तोड़ दी।
सीरीज में टीम मैनेजमेंट के फैसलों ने सबको हैरान किया। इन्फॉर्म बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर रखने का फैसला सबसे आत्मघाती साबित हुआ। वहीं, फैंस और जानकारों को उम्मीद थी कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में मौका देकर आजमाया जाएगा, लेकिन उन्हें बेंच पर ही बिठाए रखा गया। इस खराब रणनीतिक तालमेल का खामियाजा भुगतना पड़ा। नियमित कप्तानों की गैरमौजूदगी में टीम की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर न तो मोर्चे से अगुवाई कर सके और न ही टीम में जोश भर पाए। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक ओपनर्स की जोड़ी शुरुआती ओवरों में पूरी तरह बेअसर साबित हुई। लगातार दोनों मैचों में पावरप्ले के भीतर ही भारत ने अपने अहम विकेट गंवाए, जिससे मध्यक्रम पर दबाव आ गया। पूरी सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के बीच एक भी मैच जिताऊ या बड़ी साझेदारी देखने को नहीं मिली। जब भी टीम को पारी संभालने की जरूरत थी, बल्लेबाजों ने गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर अपने विकेट तोहफे में दिए। हद तो तब हो गई जब डेथ ओवरों (अंतिम ओवरों) में भारतीय पुछल्ले और मध्यक्रम के बल्लेबाज रन गति बढ़ाने के चक्कर में पूरी तरह सरेंडर कर गए। जीत का श्रेय मेजबान आयरलैंड को भी जाता है। उन्होंने अपनी घरेलू पिचों का बेहतरीन फायदा उठाया। आयरिश गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों के मजबूत पक्षों को भांपते हुए बेहद अनुशासित लाइन और लेंथ से गेंदबाजी की। दबाव के क्षणों में उन्होंने अपनी फील्डिंग से भारतीय टीम को सिंगल चुराने के मौके भी नहीं दिए। मुश्किल परिस्थितियों में भारतीय युवा ब्रिगेड का अनुभवहीन होना साफ झलक गया। मैच जब भी अंतिम ओवरों के रोमांच में फंसा, भारतीय खिलाड़ी नर्वस हो गए। दूसरे टी20 में महज एक रन की हार यह दर्शाती है कि टीम दबाव के क्षणों में बिखर गई। आयरलैंड के हाथों मिली इस ऐतिहासिक करारी शिकस्त के बाद अब भारतीय टीम का अगला पड़ाव इंग्लैंड का कड़ा दौरा है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैदान पर उतरने से पहले मुख्य कोच और चयनकर्ताओं को अपनी गलतियों से सबक लेना होगा। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन की निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं। अगर इंग्लैंड के खिलाफ वापसी करनी है, तो भारतीय थिंक-टैंक को प्रयोगों से हटकर एक संतुलित और मजबूत कोर टीम के साथ मैदान पर उतरना होगा, अन्यथा आगामी विदेशी दौरे और भी बदतर साबित हो सकते हैं।