देवघर में सनसनीखेज डबल मर्डर: घर में सो रहे मां-बेटे का धारदार हथियार से रेता गला, कुछ साल पहले पति की भी हुई थी हत्या

Sensational double murder in Deoghar: Mother and son had their throats slit with a sharp weapon while sleeping at home; the husband had also been murdered a few years ago.

देवघर। झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी देवघर से एक बेहद ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जिले के सोनाराठाड़ी प्रखंड अंतर्गत नावाडीह पंचायत में मंगलवार की अहले सुबह अज्ञात अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक ही परिवार के दो लोगों की निर्मम हत्या कर दी। अपराधियों ने घर में सो रही एक महिला और उसके 14 वर्षीय मासूम बेटे की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। इस वीभत्स दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सूचना मिलते ही देवघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रवीण पुष्कर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की कमान खुद संभाली।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान नावाडीह निवासी रुबिदा खातून और उनके 14 वर्षीय पुत्र मुशर्रफ उर्फ छोटू के रूप में की गई है। सोमवार की रात रोजाना की तरह मां-बेटा खाना खाकर सोए थे। अहले सुबह जब घर से कोई हलचल नहीं हुई, तो आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने जाकर देखा। अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों के शव खून से लथपथ पड़े थे और गला बेरहमी से काटा गया था। चीख-पुकार मचने के बाद देखते ही देखते घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इस हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड की जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने घटनास्थल का मुआयना करने और परिजनों से शुरुआती पूछताछ के बाद बताया कि इस परिवार का पुराना आपराधिक इतिहास (प्रतिशोध का शिकार) रहा है। कुछ वर्ष पहले मृतका रुबिदा खातून के पति रियाज अंसारी की भी इसी तरह बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सख्त सजा सुनाई थी। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। एक ही घर से कुछ ही वर्षों के भीतर तीन अर्थियां उठने के बाद परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम के साथ-साथ तनाव का माहौल भी बना हुआ है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपना कड़ा आक्रोश दर्ज कराते हुए मांग की है कि इस जघन्य और कायरतापूर्ण अपराध में शामिल वास्तविक चेहरों को बेनकाब कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और फांसी जैसी कड़ी सजा दिलाई जाए। फिलहाल, सोनाराठाड़ी थाना पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डंप डेटा के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।