जज्बे को सलामः विकलांग ने किया मंदिर का निर्माण! दो साल की कड़ी मेहनत, आस्था ने दूर की तमाम अड़चने
रुद्रप्रयाग। आर्थिक रूप से कमजोर और शरीर से विकलांग होने के बाद भी भरदार पट्टी के एक विकलांग ने अपनी मेहनत की बदौलत भगवान शंकर के मंदिर का निर्माण कराया है। विकलांग ने गांव में गंगेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया है, जिससे दूर-दराज के ग्रामीणों को भगवान शंकर को जल चढ़ाने के लिए भटकना ना पड़े। विकलांग व्यक्ति ने भगवान शिव के मंदिर का निर्माण कराकर शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन कराया, जिसके समापन अवसर पर हजारों भक्तों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
भरदार पट्टी के गवाणा (मजना) निवासी रघुवीर सिंह बिष्ट आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ ही विकलांग भी हैं। उन्हें चलने फिरने में बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद रघुवीर ने कभी हिम्मत नहीं हारी। वे देखते थे कि दूर-दराज गांव के लोग भगवान शिव के मंदिर के लिए मीलों की दूरी तय करते हैं। ऐसे में उन्होंने गवाणा गांव में गंगेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण शुरू कराया। इस दौरान उन्हें बहुत सारी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने मकसद को पूरा करने में जुट गए। उन्होंने दो साल की कड़ी मेहनत और भोले की प्रति सच्ची आस्था तथा विश्वास के साथ मंदिर का निर्माण किया है। मंदिर के पास में भगवान हनुमान और शनि देव का मंदिर भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने स्वयं भी मंदिर निर्माण में कार्य किया है। क्षेत्रवासियों को अब भगवान शंकर और हनुमान के साथ ही शनि देव के दर्शन हो रहे हैं। पहले ग्रामीणों को भगवान शंकर को जलाभिषेक करने में बहुत सारी परेशानियां का सामना करना पड़ता थाए मगर अब उन्हें गवाणा गांव में भगवान शंकर के दर्शन हो सकेंगे। कथा वाचक द्वाारिका प्रसाद गौड़ ने कहा कि विकलांग रघुवीर सिंह बिष्ट में साक्षात शिव का वास है। उन्हें भगवान शंकर ने जो शक्ति दी है, वह हर मनुष्य को नहीं मिल सकती। क्षेत्रवासियों की समस्या को समझते हुए आर्थिक रूप से कमजोर और विकलांग व्यक्ति ने गंगेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर के बगल में ही प्राकृतिक जल स्त्रोत है, जो अपने में ही शुभ है।