बांकीपुर उपचुनाव में अमीर बनाम गरीब की जंग: भाजपा प्रत्याशी के पास न घर,न गाड़ी,जन सुराज के प्रशांत किशोर के पास 111 करोड़ का साम्राज्य
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का रण दिलचस्प हो चला है। प्रत्याशियों द्वारा दाखिल चुनावी हलफनामों ने इस मुकाबले को सीधे तौर पर 'अमीर बनाम गरीब' की जंग में तब्दील कर दिया है। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के पास न तो अपनी कोई गाड़ी है और न ही रहने को अपना मकान; वहीं दूसरी तरफ जन सुराज के सूत्रधार और प्रत्याशी प्रशांत किशोर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। दोनों ही प्रत्याशियों की शैक्षणिक योग्यता, संपत्ति और आपराधिक मुकदमों के ब्योरे ने बांकीपुर के मतदाताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
अभिषेक बंटी का टिकट कटने के बाद भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार बने नीरज कुमार सिन्हा का चुनावी हलफनामा उनकी बेहद साधारण पृष्ठभूमि को दर्शाता है। उनकी कुल घोषित संपत्ति मात्र ₹20,28,554 (लगभग 20.28 लाख रुपये) है। इसमें ₹12,28,554 की चल और ₹8,00000 की अचल संपत्ति शामिल है। हलफनामे के मुताबिक, उनके नाम पर न तो कोई दोपहिया या चारपहिया वाहन पंजीकृत है और न ही उनका अपना कोई घर है। उनके पास ₹70,000 नकद हैं। एसबीआई मीठापुर शाखा में ₹8.99 लाख और यूको बैंक में ₹25,000 जमा हैं। कृषि और व्यापार उनकी आय के मुख्य जरिए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में उन्होंने ₹6.71 लाख की आय घोषित की है। उनके पास ₹1.32 लाख की एक सोने की चेन, 4 ग्राम की अंगूठी और 200 ग्राम चांदी है। इसके अलावा अचल संपत्ति के नाम पर सिर्फ 10 डिसमिल कृषि भूमि है। उन्होंने साल 2012 में हाई स्कूल गोना से मैट्रिक और साल 2024 में मगध महाविद्यालय (जहानाबाद) से स्नातक की डिग्री हासिल की है। उनके खिलाफ एक भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। इसके विपरीत, जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर (49 वर्ष) का हलफनामा वैभव और कानूनी उलझनों की एक अलग कहानी बयां करता है। प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी के पास संयुक्त रूप से ₹111 करोड़ से अधिक की केवल चल संपत्ति है। इसमें प्रशांत किशोर के नाम ₹22.19 करोड़ और उनकी पत्नी के नाम ₹89.51 करोड़ दर्ज हैं। उनके नाम पर रोहतास के शिवसागर में स्थित 'श्रीराम अल्ट्रा मॉडर्न राइस मिल' की जमीन है, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत लगभग ₹9.75 करोड़ आंकी गई है। उनके हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ विभिन्न थानों और अदालतों (पटना, गांधी मैदान, सचिवालय, पीरबहोर, सहरसा, बेतिया, मुजफ्फरपुर) में कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं, हालांकि किसी भी मामले में अभी तक कोर्ट द्वारा आरोप तय (चार्ज फ्रेम) नहीं किए गए हैं। भाजपा ने इस चुनाव में पहले अभिषेक बंटी को मैदान में उतारा था, जिनका पर्चा बाद में वापस ले लिया गया। बंटी के पास कुल ₹19.60 लाख की संपत्ति थी और उन पर ₹10 लाख का कर्ज भी था। एक मजेदार इत्तेफाक यह है कि पूर्व प्रत्याशी अभिषेक बंटी और नए प्रत्याशी नीरज कुमार, दोनों ने ही अपने पास बिल्कुल बराबर यानी ₹70-70 हजार की नकदी होने की घोषणा की है। बांकीपुर का यह उपचुनाव अब केवल राजनीतिक दलों की साख का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले एक जमीनी कार्यकर्ता और देश के सबसे चर्चित रणनीतिकारों में शुमार एक अमीर उम्मीदवार के बीच का सीधा मुकाबला बन चुका है। अब देखना यह है कि जनता सादगी पर भरोसा जताती है या फिर रणनीतिक अनुभव पर।