बिहार में नकाबपोश बदमाशों का तांडव: जदयू नेता के बेटे की कार घेरकर की ताबड़तोड़ और फायरिंग, मामा-भांजे की हालत नाजुक
पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया में अपराधियों का बेखौफ और खौफनाक चेहरा सामने आया है। मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर आधी रात को दो बाइक सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने खूनी वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने कार में सवार दो युवकों को घेरकर उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस जानलेवा हमले में पूर्णिया नगर निगम के वार्ड 24 की पार्षद राखी देवी व जदयू नेता अमरेंद्र कुशवाहा के इकलौते पुत्र शुभम कुशवाहा और उनके मामा सागर कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद इलाके में भारी अफरातफरी और सनसनी का माहौल है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार,गुरुवार देर रात शुभम कुशवाहा अपने मामा सागर कुशवाहा के साथ नेवालाल चौक के पास स्थित एक चाय की दुकान पर रुके थे। वहां से घर लौटने के लिए वे जैसे ही अपनी टाटा पंच कार में सवार होकर आगे बढ़ने लगे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर आए चार नकाबपोश अपराधियों ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। बदमाशों ने पहले शुभम को जबरन कार से बाहर खींचने का प्रयास किया। जब वे इसमें असफल रहे, तो उन्होंने कार के शीशे तोड़ते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने निशाना बनाकर कुल पांच गोलियां दागीं, जिनमें से तीन गोलियां शुभम को और दो गोलियां उसके मामा सागर को लगीं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के सन्नाटे में हवाई फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के पीछे की वजहों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। परिजनों के अनुसार, तीन दिन पहले ही पड़ोसी सन्नी सरदार और सन्नी मंडल की गाड़ी घर के मुख्य दरवाजे की दीवार से सट गई थी, जिसको लेकर कहासुनी हुई थी। इस दौरान शुभम ने सन्नी पर इलाके में अवैध स्मैक (नशीले पदार्थ) बेचने और तस्करी करने का खुलकर आरोप लगाया था। पुलिस इस स्मैक विवाद को हमले का एक मुख्य कारण मानकर चल रही है। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि घायल शुभम कुशवाहा का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वर्ष 2018 में पूर्णिया स्थित बाल सुधार गृह (रिमांड होम) में हुए चर्चित अंधाधुंध फायरिंग कांड में शुभम नामजद आरोपी था। उस हिंसक घटना में एक बाल कैदी और हाउस फादर विजेंद्र कुमार की मौत हो गई थी। मरंगा थाना पुलिस का कहना है कि वे मामले की गहनता से तफ्तीश कर रहे हैं। पुलिस की टीमें स्मैक कारोबार से जुड़े विवाद और पुरानी रंजिश दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।