Oct 08, 2026 Login
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राजा रघुवंशी मर्डर केसः पुलिस का ध्यान भटकाना चाहती थी शातिर सोनम! हत्याकाण्ड के बाद पति राजा के अकाउंट से डाला था पोस्ट, ऐसे खुला राज और सोनम का ‘राज’

Raja Raghuvanshi murder case: The cunning Sonam wanted to divert the attention of the police! After the murder, she posted from her husband Raja's account, this is how the secret and Sonam's 'secret'

नई दिल्ली। मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस ने हर किसी को झंकझोर कर रख दिया है। पत्नी की गिरफ्तारी और उसकी खौफनाक साजिश के बाद इस मामले में लगातार बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस हत्याकाण्ड में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी का साथ तीन भाड़े के हत्यारों आकाश राजपूत, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर और आनंद कुर्मी ने दिया। खबरों के मुताबिक पुलिस को सबसे पहले शक तब हुआ जब हनीमून के दौरान सोनम ने कोई फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं किया, जो नवविवाहित जोड़ों के लिए असामान्य था। हालांकि मर्डर के कुछ देर बाद सोनम ने राजा के सोशल मीडिया अकाउंट से दोपहर 2ः15 बजे एक पोस्ट किया, जिसमें लिखा था ‘सात जन्मों का साथ है’। पुलिस के मुताबिक यह पोस्ट जांच को भटकाने की कोशिश थी। 

गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास से खरीदे थे हथियार
इसके बाद पुलिस को क्राइम सीन से 10 किलोमीटर दूर सोनम को तीनों हत्यारों आकाश, विशाल और आनंद के साथ बातचीत करते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। मौके से आकाश की खून से सनी जैकेट, सोनम का रेनकोट और राजा का मोबाइल स्क्रीन बरामद हुआ। जांच में पता चला कि सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दिया था, जिस पर खून के धब्बे थे और उसे भी मौके पर फेंक दिया गया। आनंद की गिरफ्तारी के समय वह वही कपड़े पहने हुए था, जो उसने हत्या के दौरान पहने थे। पुलिस के अनुसार विशाल ने राजा पर पहला वार किया था। हत्या में इस्तेमाल हथियार गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास एक दुकान से खरीदा गया था। 23 मई को मेघालय के सोहरा में हत्या के बाद सोनम 25 मई को शिलॉन्ग से सिलीगुड़ी के रास्ते ट्रेन से इंदौर पहुंची। वहां वह अपने प्रेमी राज कुशवाह से मिली और एक दिन किराए के घर में रुकी। इसके बाद एक ड्राइवर ने उसे वाराणसी होते हुए गाजीपुर ड्रॉप किया, जहां उसने बाद में सरेंडर किया। 

15-20 टीमों की तफ्तीश और खुल गया सोनम और राज का ‘राज’
मेघालय पुलिस को 3 और 4 जून के दिन सोनम की संलिप्तता की पुख्ता लीड मिल चुकी थी, पुलिस ने 7 जून को छापेमारी की योजना बनाई। 8 जून को 15-20 पुलिसकर्मियों की टीम मध्य प्रदेश पहुंची और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर आकाश, विशाल और आनंद को गिरफ्तार किया। सोनम ने गाजीपुर में सरेंडर किया। पुलिस के मुताबिक हत्या की वजह राजा को रास्ते से हटाकर सोनम का राज के साथ रहना था। मेघालय पुलिस अब सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, बरामद सबूत और सोनम की संदिग्ध गतिविधियों ने इस साजिश को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।