बारिश का कहर: टिहरी में उफनाए नाले ने बिलौंदी पुल बाजार में मचाई तबाही! दुकानों में घुसा मलबा-पानी, ​​​​​​​रुद्रप्रयाग में आकाशीय बिजली गिरने से दो घायल

Rain wreaks havoc: An overflowing drain in Tehri wreaked havoc in the Bilaundi Bridge market! Debris and water entered shops, and two were injured by lightning in Rudraprayag.

धनौल्टी/टिहरी। टिहरी जिले के थत्यूड़ क्षेत्र में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज से कुछ ही मिनटों में बिलौंदी पुल बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शाम करीब साढ़े तीन बजे हुई जोरदार बारिश के बाद थान भवान के पास स्थित नाला अचानक उफान पर आ गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और तेज बहाव के साथ पानी बाजार की कई दुकानों और भवनों में घुस गया। इस घटना से दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि उत्तरकाशी–नगुन–सुवाखोली–देहरादून स्टेट हाईवे (SH-30) मलबा आने से बाधित हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में नाला उफनकर बाजार की ओर बहने लगा। पानी का तेज बहाव दुकानों के अंदर घुस गया और अपने साथ भारी मात्रा में मलबा भी ले आया। इससे दुकानों में रखा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक आए इस संकट से बाजार क्षेत्र में भगदड़ जैसे हालात बन गए और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना में सबसे अधिक नुकसान स्थानीय दुकानदार कुलवीर सिंह नकचवाल को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी एजेंसी के कार्यालय और गोदाम में रखे करीब 200 से अधिक सीमेंट के कट्टे पूरी तरह खराब हो गए हैं। इसके अलावा दुकान के अंदर रखा अन्य सामान भी पानी और मलबे की चपेट में आने से बर्बाद हो गया। उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर मलबे से भर गया और कुछ समझने से पहले ही लाखों रुपये का नुकसान हो गया। बिलौंदी पुल बाजार की अन्य दुकानों में भी पानी और मलबा घुसने से व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। दुकानदारों ने बताया कि ऐसी स्थिति अचानक बनी, जिससे किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बाजार क्षेत्र में देर तक अफरा-तफरी और भय का माहौल बना रहा। स्थानीय राजस्व निरीक्षक ने बताया कि शाम करीब तीन बजे नौघर गांव के नीचे अतिवृष्टि की सूचना मिली थी।

रुद्रप्रयाग में मौसम का कहर, चन्द्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो घायल
इधर रुद्रप्रयाग में चन्द्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक कहर बरपा दिया। आकाशीय बिजली गिरने की घटना में दो यात्री घायल हो गए, जिसके बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों में हड़कंप मच गया। SDRF, DDRF और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजकर 22 मिनट पर पुलिस नियंत्रण कक्ष रुद्रप्रयाग को सूचना मिली कि चन्द्रशिला-तुंगनाथ क्षेत्र में वज्रपात हुआ है, जिसमें दो लोग घायल हो गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र यानी DEOC ने SDRF, DDRF और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। रेस्क्यू टीमों ने खराब मौसम और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच तेजी से राहत कार्य शुरू करते हुए दोनों घायलों को सुरक्षित नीचे लाने का अभियान चलाया। घायलों की पहचान 19 वर्षीय वेदांत, निवासी बिजनौर उत्तर प्रदेश और 35 वर्षीय शैल, निवासी सरिता विहार दिल्ली के रूप में हुई है। प्रशासन की ओर से दोनों घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। वहीं लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से पर्वतीय क्षेत्रों में सतर्कता बरतने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

जांच में पाया गया कि तेज बारिश के कारण ऊपर से भारी मात्रा में मलबा बहकर नीचे बाजार क्षेत्र तक पहुंचा। इस दौरान बिलौंदी पुल बाजार के दो भवनों के अंदर मलबा घुस गया और दुकानों में रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश और मलबा आने से उत्तरकाशी–नगुन–सुवाखोली–देहरादून स्टेट हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर मलबा जमा होने से यातायात रुक गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही थत्यूड़ थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। प्रशासन ने जेसीबी मशीन बुलाकर सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। देर शाम तक मार्ग को सुचारु करने के प्रयास जारी रहे। इस दौरान मलबा आने से खिलाड़ी नदी का जलस्तर भी अचानक बढ़ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बरती गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या कोई घायल नहीं हुआ। प्रशासन ने इसे बड़ी राहत बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बरसात के दौरान नालों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी प्रशासन को कई बार आगाह किया गया था, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं ताकि बाजार और आसपास के रिहायशी इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन ने फिलहाल क्षेत्र में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई है।