लोकसभा में राहुल के आक्रामक तेवर! तेल खरीद से एआई तक, बजट 2026 पर सरकार को घेरा
नई दिल्ली। लोकसभा में आम बजट 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों, ऊर्जा संकट, डॉलर की चुनौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन बजट में इन चुनौतियों का ठोस समाधान नजर नहीं आता। राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा, “हम किससे तेल खरीदेंगे, यह अमेरिका तय करता है,” और इसे बदलती वैश्विक व्यवस्था का संकेत बताया।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मार्शल आर्ट्स ‘जिजित्सु’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उसमें पकड़ और दबाव साफ दिखता है, वैसे ही राजनीति में भी ताकत और दबाव के केंद्र समझने की जरूरत है। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया अब स्थिरता से अस्थिरता की ओर बढ़ रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और ईरान जैसे क्षेत्रों में तनाव इसका प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और वित्त को अब हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल ने कहा कि अमेरिका आधारित वैश्विक व्यवस्था को रूस और चीन चुनौती दे रहे हैं और डॉलर की सर्वोच्चता भी सवालों के घेरे में है। दुनिया एकध्रुवीय से बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। ऐसे समय में भारत को अपनी रणनीति स्पष्ट करनी होगी। उन्होंने एआई के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे आईटी सेक्टर में रोजगार पर असर पड़ सकता है। हालांकि राहुल गांधी ने भारत की ताकतों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। भारत के पास विशाल डेटा पूल है, जो एआई के दौर में महत्वपूर्ण संसाधन है। इसके अलावा किसानों और खाद्य सुरक्षा को भी उन्होंने देश की मजबूती बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, डेटा और कृषि—इन तीन क्षेत्रों की सुरक्षा आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बजट इन चुनौतियों को स्वीकार तो करता है, लेकिन उनके समाधान की स्पष्ट रूपरेखा पेश नहीं करता। उनके अनुसार, यह बजट सामान्य परिस्थितियों के लिए तैयार दस्तावेज जैसा है, जबकि दुनिया असाधारण दौर से गुजर रही है।