दिल्ली में क्वाड देशों की महाबैठक: जयशंकर बोले- हिंद-प्रशांत की सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करना मुख्य लक्ष्य

Quad Nations' Major Meeting in Delhi: Jaishankar States—Strengthening Indo-Pacific Security and Supply Chains is the Primary Objective.

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक में वैश्विक कूटनीति की एक नई और मजबूत तस्वीर सामने आई है। इस रणनीतिक मंच पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) की सुरक्षा, संप्रभुता और आर्थिक समृद्धि को लेकर बेहद महत्वपूर्ण और ठोस संदेश दिए हैं। इस बैठक ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने में क्वाड की भूमिका आने वाले समय में और अधिक निर्णायक होने वाली है।

बैठक की शुरुआत करते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इस बार सदस्य देशों का पूरा ध्यान सामूहिक गतिविधियों को तय करने और दुनिया के सामने मौजूद समकालीन चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान ढूंढने पर केंद्रित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्वाड का प्राथमिक कार्यक्षेत्र हमेशा हिंद-प्रशांत क्षेत्र ही रहेगा। विदेश मंत्री ने वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) की मजबूती, कनेक्टिविटी के रास्ते में आने वाली रुकावटों और मैन्युफैक्चरिंग तथा संसाधनों के एक ही जगह सीमित होने जैसी गंभीर दिक्कतों पर गहरी चिंता जताई। जयशंकर ने कहा, "क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के गैप को भरने के लिए नई साझेदारियों और मजबूत आर्थिक विकास की तत्काल आवश्यकता है। रणनीतिक भरोसा बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए एक पारदर्शी और भरोसेमंद पार्टनरशिप बेहद जरूरी है।" उन्होंने उम्मीद जताई कि क्वाड के सभी सदस्य देश एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बैठक में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव की जमकर सराहना की। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और हिंद-प्रशांत को नया आकार देने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण 'महाशक्ति' बताया। डॉ. जयशंकर के पुराने बयान का हवाला देते हुए वोंग ने कहा कि हिंद-प्रशांत के देशों के पास अपनी सुरक्षा और संप्रभु हितों की रक्षा के लिए 'चयन की आजादी' होनी चाहिए, और यही सोच ऑस्ट्रेलिया के क्वाड से जुड़ाव का मुख्य आधार है। पेनी वोंग ने आगे कहा कि क्वाड के चारों सदस्य संप्रभु राष्ट्र हैं, जिनके अपने अलग इतिहास और हित हैं, लेकिन इसके बावजूद हमारे साझा हितों में गजब का तालमेल है। चारों देश मिलकर एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत का सपना देखते हैं। उन्होंने जमीन पर क्वाड की सफलताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्य करके इस संगठन ने खुद को साबित किया है। इसके अलावा अंडरसी केबल, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी ठोस प्रगति हुई है। चारों देश इस मंच को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।