राजनीति और आस्था:नेताओं को अब भगवान का सहारा भगवान के यहां हाजिरी लगाने के बाद जनता दरबार में पहुंच रहे नेताजी
बलिया। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे नेता जनता के दरबार में हाजिरी लगाने से पहले ईश्वर की शरण ले रहे हैं। जिले के कद्दावर नेताओं ने नामांकन से पहले देवी-देवताओं के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगा।
बात करें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी की तो वह भी टिकट फाइनल होने के बाद लखनऊ में चंद्रिका देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद ही अपनी विधानसभा सीट बांसडीह में प्रचार के लिए पहुंचे। बांसडीह में पड़ने वाले कई अन्य मंदिरों में भी उन्होंने मत्था टेका। देवी-देवताओं का भरपूर आशीर्वाद लेने के बाद वे सात फरवरी को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं, योगी सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी भाजपा के प्रत्याशियों की जारी सूची में अपना नाम देखने के बाद फौरन झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ का दर्शन करने पहुंच गए। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने नामांकन से पहले अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित कोटवा नारायणपुर में बाबा मुक्तिनाथ का दर्शन किया। इसके अलावा भी कई अन्य नेता देवी-देवताओं के चौखट पर मत्था टेक रहे हैं।
फेफना से ही सपा के उम्मीदवार संग्राम सिंह यादव भी लगातार मंदिर-मंदिर दर्शन कर रहे हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी नेता हैं, जिनके टिकट तो अभी फाइनल नहीं हुए हैं लेकिन वह भी ईश्वर की शरण ले रहे हैं। बलिया नगर विधानसभा सीट से सपा उम्मीदवारी के लिए दावेदारी ठोक रहे पूर्व मंत्री नारद राय नई दिल्ली स्थित निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में चादर पोशी करते दिखे। कई अन्य नेता नामांकन के लिए शुभ मुहूर्त निकलवा कर बैठे हुए हैं। जैसे ही उनकी पार्टियां टिकट फाइनल करेंगी। वह भी अपने आराध्य के दरबार में जाने के बाद ही जनता के दरबार में जाएंगे।