गलत पहचान पर वकील को उठा ले गई पुलिस, हंगामे से थमा हाईवे,अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा, दोषियों पर कार्रवाई की मांग

Police abduct a lawyer on mistaken identity; highway blocked due to chaos; lawyers vent their anger, demanding action against the culprits.

रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर पुलिस की लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि अधिवक्ता समुदाय में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया। गलत पहचान के एक मामले में पुलिस गुरुवार को वकील मयंक शर्मा को हिरासत में लेकर घंटों पूछताछ करती रही। बाद में जब हकीकत सामने आई कि उन्होंने जिस व्यक्ति को पकड़ा है उसका दुष्कर्म मामले से कोई लेना-देना नहीं है, तब पुलिस के होश उड़ गए। आनन-फानन में माफी मांगकर वकील को छोड़ा गया, लेकिन तब तक नाराज वकीलों का पारा चढ़ चुका था।

पूरे मामले ने शुक्रवार को ऊधम सिंह नगर की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया। पुलिस की इस “बड़ी चूक” की खबर मिलते ही वकील कोर्ट परिसर में इकट्ठा हुए और जमकर नारेबाजी की। विरोध इतना बढ़ा कि अधिवक्ताओं ने नैनीताल–दिल्ली नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। हाईवे पर भारी जाम लग गया और हालात बेकाबू होते देख पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक मान-मनौव्वल के बाद वकील जाम खोलने को तैयार हुए, लेकिन साफ कह दिया कि यह तभी संभव है जब दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो,एसएसपी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें,और जिस महिला एसआई ने अधिवक्ताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, वह भी माफी मांगे।

पूरा मामला गुरुवार रात शुरू हुआ, जब ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस को एक तहरीर मिली जिसमें दुष्कर्म के एक आरोपी का नाम मयंक शर्मा लिखा था। बिना जांच-पड़ताल और सत्यापन के पुलिस टीम वकील मयंक शर्मा को उठा लाई। पीड़ित वकील ने कहा कि पुलिस ने न सिर्फ गलत तरीके से हिरासत में लिया, बल्कि व्यवहार भी बेहद अपमानजनक रहा। “मेरी पेशेवर प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पुलिस पूरे अधिवक्ता समाज से माफी मांगे,” उन्होंने स्पष्ट कहा। वकीलों का कहना है कि पुलिस का यह रवैया अस्वीकार्य है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि क्या पुलिस बिना पहचान सत्यापित किए किसी भी व्यक्ति को उठा सकती है? क्या इस तरह की लापरवाही निर्दोष लोगों की जिंदगी को खतरे में नहीं डाल रही? रुद्रपुर की यह घटना ऐसे कई सवालों को जन्म देती है, जिनका जवाब पुलिस प्रशासन को देना होगा।