Oct 31, 2026 Login
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सीईसी के खिलाफ विपक्ष का ‘जन महाभियोग’, राहुल गांधी बोले- 2024 का चुनाव अवैध; वोट काटने वाले देश के अपराधी

Opposition’s ‘people’s impeachment’ against the CEC; Rahul Gandhi says the 2024 election is illegitimate—those who delete votes are criminals against the nation.

नई दिल्ली। देश की चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर राजनीतिक भूचाल आ गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव को सीधे तौर पर "अवैध" करार दिया है। शनिवार को राजधानी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित 'जन महाभियोग' (मॉक संसद) को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने शनिवार को दिल्ली में ‘जन महाभियोग’ के नाम से प्रतीकात्मक मॉक संसद आयोजित कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को अवैध बताते हुए आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि वोट काटने वाले देश के अपराधी हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त को जनता के सवालों का जवाब देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इसमें कांग्रेस सहित 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने इस आयोजन को चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता अधिकारों के मुद्दे पर जनता के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का मंच बताया। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जो परिस्थितियां सामने आ रही हैं, उन्हें रोकने के लिए विपक्ष के पास आवाज उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि एसआईआर के तहत 13 करोड़ से अधिक, यानी करीब 15 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उनके मुताबिक यह संख्या देश के हर सात में से एक व्यक्ति के बराबर है। उन्होंने कहा कि इन मतदाताओं ने पिछले लोकसभा चुनाव में मतदान किया था। राहुल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाना केवल भ्रष्टाचार या किसी घोटाले का मामला नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसके मूल आधार पर हमला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें यह नहीं समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उन्हें हमेशा बचा लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, वे इस बात को नहीं भूलेंगे। राहुल ने कहा कि विपक्ष उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया है और उन्हें जनता के सामने जवाब देना पड़ेगा। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार की व्यक्तिगत पहचान और चुनाव आयोग के प्रमुख के रूप में उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी दो अलग-अलग बातें हैं। विपक्ष की आपत्ति उनके पद से जुड़ी भूमिका और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता की कमी रही है और बड़ी संख्या में लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं। हालांकि, एसआईआर के आंकड़ों को लेकर राजनीतिक पक्षों के बीच मतभेद हैं। भाजपा ने पहले कहा है कि हटाए गए नामों में मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले और सत्यापन में नहीं मिले मतदाता शामिल हैं। निर्वाचन आयोग का पक्ष रहा है कि दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होती है। गौरतलब है कि शनिवार को आयोजित ‘जन महाभियोग’ वास्तविक संसदीय महाभियोग प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक राजनीतिक कार्यक्रम था। इसके जरिए विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।