हरिद्वार में काल बना नवनिर्मित फ्लाईओवर: रोडवेज और पिकअप की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, तीन की मौत, चार गंभीर
हरिद्वार। तीर्थनगरी हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। नवनिर्मित फ्लाईओवर के पास टनकपुर डिपो की एक रोडवेज बस और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने इतनी भीषण टक्कर हुई कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए। इस दिल दहला देने वाले हादसे में एक ही परिवार के दो लोगों सहित तीन की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल और एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर डिपो की रोडवेज बस नजीबाबाद से हरिद्वार की तरफ आ रही थी, जबकि पिकअप वाहन हरिद्वार से बिजनौर की ओर जा रहा था। जैसे ही दोनों वाहन श्यामपुर फ्लाईओवर के मोड़ पर पहुंचे, रफ्तार तेज होने के कारण दोनों में सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई। बस ने पिकअप के बीचो-बीच टक्कर मारी। टक्कर इतनी भयावह थी कि पिकअप में सवार 10 लोगों में से दो व्यक्ति उछलकर सीधे फ्लाईओवर से नीचे जा गिरे। हादसा होते ही मौके पर कोहराम मच गया और हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर श्यामपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत कार्य शुरू करते हुए 108 एंबुलेंस के माध्यम से सभी घायलों को जिला चिकित्सालय हरिद्वार भिजवाया। अस्पताल में उपचार के दौरान पिकअप सवार अहान (18 वर्ष) पुत्र शराफत (निवासी बड़ापुर, नजीबाबाद) और एक अज्ञात व्यक्ति (उम्र करीब 35 वर्ष) ने दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शराफत (42 वर्ष) और उनकी पत्नी शबाना (35 वर्ष) की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, लेकिन बदकिस्मती से शबाना ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मां-बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में घायल अन्य यात्रियों का इलाज जिला चिकित्सालय हरिद्वार में चल रहा है। घायलों में अन्नू (18 वर्ष) पुत्र मेहंदी हसन, सोनी लाल (25 वर्ष) पुत्र राम रहीश (दोनों निवासी हरदोई, यूपी) और शमीम (42 वर्ष) पुत्र हसीनुद्दीन (निवासी बिजनौर) शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। श्यामपुर थाना क्षेत्र का यह नवनिर्मित फ्लाईओवर अब स्थानीय लोगों के लिए दहशत का सबब बनता जा रहा है। एक ही सप्ताह के भीतर इस फ्लाईओवर पर यह दूसरा बड़ा और जानलेवा हादसा है। बीते सप्ताह ही दुकान बंद कर घर लौट रहे एक बुजुर्ग दंपति और उनके 5 साल के पोते की भी यहाँ सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फ्लाईओवर पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था न होने के कारण रात में पूरी तरह अंधेरा पसरा रहता है, जिससे तीखे मोड़ों पर वाहन चालकों को अंदाजा नहीं मिल पाता और आए दिन गाड़ियाँ आपस में टकरा रही हैं। हादसे के बाद क्रेन और हाइड्रा मशीनों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को बीच सड़क से हटाकर मोर्चरी भेजा गया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू कराया जा सका। सीओ अवनी तिवारी ने बताया कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि दुर्घटना तेज रफ्तार की वजह से हुई या फिर फ्लाईओवर पर बने ब्लैक स्पॉट और अंधेरे के कारण।