नीट-यूजी काउंसलिंग 2026: मेडिकल दाखिले की जंग शुरू,एससीसी ने जारी किया काउंसलिंग का पहला चरण,आवेदन से लेकर रिपोर्टिंग तक इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
नई दिल्ली। देश के शीर्ष मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस की सीटों पर दाखिले का इंतजार कर रहे लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की ओर से नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग का पहला चरण आज, 5 अगस्त 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो रहा है।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने नीट-यूजी काउंसलिंग2026 के पहले चरण की प्रक्रिया 5 अगस्त से शुरू कर दी है। अब एमबीबीएस, बीडीएस, 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, एम्स , जिपमर और अन्य भाग लेने वाले संस्थानों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। एमसीसी ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखना बेहद आवश्यक है। इससे रजिस्ट्रेशन के दौरान किसी भी तरह की त्रुटि या देरी से बचा जा सकेगा। काउंसलिंग के बाद सीट आवंटित होने पर संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग के समय सभी मूल दस्तावेजों का सत्यापन भी किया जाएगा। अभ्यर्थियों को नीट यूजी 2026 का एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड या रैंक लेटर, कक्षा 10 और 12 की मार्कशीट एवं प्रमाणपत्र, वैध फोटो पहचान पत्र (आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस), पासपोर्ट आकार के फोटो, सक्रिय मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और ऑनलाइन भुगतान के लिए डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, यूपीआई या नेट बैंकिंग की सुविधा अपने पास रखनी होगी। एमसीसी ने सलाह दी है कि आवेदन पत्र भरने से पहले सभी दस्तावेजों में दर्ज नाम, जन्मतिथि, श्रेणी और अन्य व्यक्तिगत विवरण का मिलान अवश्य कर लें। गलत जानकारी दर्ज होने पर भविष्य में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले सूचना बुलेटिन भी ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित मेडिकल या डेंटल कॉलेज में रिपोर्टिंग के दौरान एमसीसी का सीट आवंटन पत्र, नीट एडमिट कार्ड, रैंक लेटर, 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र, मार्कशीट, वैध पहचान पत्र और आवेदन में लगाए गए फोटो के समान आठ पासपोर्ट साइज फोटो साथ ले जाने होंगे। विदेशी, ओसीआई और पीआईओ अभ्यर्थियों को संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। एससी, एसटी, ओबीसी-एनसीएल, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में जारी वैध प्रमाणपत्र भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे। ओबीसी-एनसीएल प्रमाणपत्र केंद्र सरकार के निर्धारित प्रारूप के अनुसार होना चाहिए, जबकि पीडब्लूडी अभ्यर्थियों को एमसीसी के मेडिकल असेसमेंट बोर्ड द्वारा जारी पात्रता प्रमाणपत्र दिखाना होगा। एमसीसी ने अभ्यर्थियों से समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा करने और सभी दस्तावेजों की जांच कर लेने की अपील की है, ताकि काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।