NEET Re Exam: उत्तराखंड में कल 21 हजार स्टूडेंट देंगे परीक्षा, 4 घंटे पहले हर सेंटर की होगी चेकिंग! छात्रों को रोडवेज में मिलेगी फ्री यात्रा, पुलिस और प्रशासनिक महकमा अलर्ट
देहरादून। री-नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी 2026) को लेकर उत्तराखंड में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कल 21 जून को आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा में प्रदेश के 13 शहरों में लगभग 21 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, जैमर, बायोमैट्रिक सत्यापन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास जीरो जोन घोषित किया गया है, जहां अनधिकृत व्यक्तियों और मीडिया की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करते हुए नीट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की है। अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र दिखाकर परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यह व्यवस्था परीक्षा से दो दिन पहले और परीक्षा समाप्ति के दो दिन बाद तक प्रभावी रहेगी।
देहरादून में 16 केंद्रों पर 6800 अभ्यर्थी
राजधानी देहरादून में परीक्षा के लिए 16 केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 6800 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने परीक्षा संचालन के लिए दो नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है, जिन्हें आठ.आठ केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की गाइडलाइन के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।
नैनीताल जिले में 11 केंद्रों पर होगी परीक्षा
नैनीताल जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर कुल 3874 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा संचालन को सुचारू बनाने के लिए पूरे जिले को दो जोन और 11 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाए। अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, बिजली, पेयजल और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
ऊधम सिंह नगर में पांच केंद्र, 2528 परीक्षार्थी
ऊधम सिंह नगर जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2528 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इनमें पंतनगर स्थित प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के नए और पुराने भवन, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय काशीपु, आईआईएम काशीपुर तथा पीएमश्री अटल उत्कृष्ट एएन झा राजकीय इंटर कॉलेज रुद्रपुर शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्रों को सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखा जाए तथा निर्धारित समय पर ही खोला जाए। सभी केंद्रों पर जैमर की कार्यशीलता की पूर्व जांच की जा चुकी है। परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में भी तैयारी पूरी
पिथौरागढ़ जिले में केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं को सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं अल्मोड़ा जिले में द्वाराहाट स्थित बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान में बनाए गए परीक्षा केंद्र का निरीक्षण कर सीसीटीवी कैमरों, जैमर, सुरक्षा इंतजामों, पेयजल, बिजली और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा से चार घंटे पहले होगी सुरक्षा जांच
पुलिस विभाग ने परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी जोनल अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से चार घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचने को कहा गया है। इस दौरान कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों, जैमर और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों की चारदीवारी और आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी प्रकार की सुरक्षा खामी मिलने पर उसे तत्काल दूर किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी विशेष नजर
परीक्षा के दौरान पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। थाना प्रभारियों को होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और ढाबों की जांच कर वहां ठहरे लोगों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि नीट-यूजी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को निष्पक्ष और नकलमुक्त वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।