नीट-पेपर लीक विवाद: सीजेपी और सरकार के बीच आज तीसरे दौर की वार्ता,दिल्ली में 18 मेट्रो स्टेशन बंद,शराब की दुकानें रात 8 बजे होंगी बंद
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। आज दोपहर 3:30 बजे सीजेपी प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखते हुए दिल्ली पुलिस के निर्देश पर 18 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं, जबकि पूरे वीकेंड पर दिल्ली में शराब की दुकानें रात 10 बजे के बजाय रात 8 बजे ही बंद कर दी जाएंगी।
बैठक से पहले सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने संगठन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछले दौर की वार्ता में मुआवजे और कानूनी मामलों पर सकारात्मक चर्चा के बाद एक सैद्धांतिक सहमति बनी थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज इस पर लिखित समझौता मिल जाएगा। हालांकि, रांका ने साफ किया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। सरकार द्वारा एनआईए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने पर उन्होंने कहा कि असली और अंतिम जवाबदेही शिक्षा मंत्री की ही बनती है, क्योंकि वे पेपर लीक और इसके बाद छात्रों द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदमों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। दिल्ली में स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने तत्काल प्रभाव से सभी पुलिसकर्मियों की नियमित छुट्टियां रद्द कर दी हैं। बिना पूर्व अनुमति के कोई भी कर्मी किसी प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सकेगा। दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीजेपी के प्रदर्शनों की एनआईए जांच कराने और प्रदर्शनकारियों पर आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग वाली दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई से इन्कार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच का निर्णय संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां करेंगी। इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की मौत से जुड़ी सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी खबर का खंडन किया और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस ज्यादती और परीक्षाओं में खामियों को लेकर दायर दो याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने पर राजी हो गया है। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ इन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। वर्तमान में जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था चुस्त है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। शुक्रवार शाम धरनास्थल पर लगभग 8 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद रहे, जो देशभक्ति के गीत गाकर और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं। सुरक्षा प्रतिबंधों और आवाजाही पर रोक के कारण जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास के बाजारों, शोरूमों, रेस्टोरेंटों और बैंकों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालांकि, इस बीच एक अनूठी और सकारात्मक तस्वीर भी देखने को मिली है। प्रदर्शन में शामिल युवाओं के बीच 'भारतीय संविधान', 'जात-पात का विनाश' और 'शहीद-ए-आजम भगत सिंह' के विचारों से जुड़ी किताबों की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है। स्थानीय पुस्तक विक्रेताओं के अनुसार, व्यापार में मंदी के बावजूद युवा वैचारिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ी किताबें हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।